कोरबा। साइबर अपराध की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। आज हर किसी के लिए स्मार्टफोन की जरूरत काफी आम है पर कई बार अंजाने में हुई जरा सी गलती बड़े नुकसान का सबब बन सकती है। इसलिए मैं इस मंच से खासतौर पर छात्राओं को अलर्ट रहने की हिदायत देना चाहती हूं। लड़कियां इस बात को गांठ बांध लें कि कोई आपके लिए कितना भी खास क्यों न हो, कोई दोस्त या दिल के काफी करीब हो तो भी उसके साथ अपना फोन कभी भी शेयर नहीं करना है, क्योंकि यह आपकी जिंदगी के लिए एक बड़ी गलती बन सकता है। अगर फिर भी कोई चूक हो भी गई, तो बिना देर 1930 पर काॅल करें, पुलिस से संपर्क करें और अपने साथ हुए विश्वासघात की जानकारी देकर मदद मांगे।
यह बातें गुरुवार को कमला नेहरू महाविद्यालय में कोरबा जिला पुलिस की टीम द्वारा लगाई गई साइबर सुरक्षा की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को जागरुक करते हुए प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुश्री मंजू रात्रे ने कही। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर फ्राॅड से संबंधित अहम जानकारियां प्रदान की गई। उन्होंने आगे कहा कि अव्वल तो अपनी तस्वीरों को सोशल मीडिया में वायरल या शेयर न करें। और अगर सोशल मीडिया में अपनी फोटो पोस्ट कर भी रहे हों, उसे प्राइवेट मोड आॅन रखें, ताकि अंजान यूजर उनका गलत इस्तेमाल करने की कोशिश न कर सके। पुलिस से बिना वजह घबराएं नहीं, पुलिस थाने में जाने से डरें नहीं, बल्कि पुलिस को अपना सहयोगी और समाज का मित्र समझें। यही डर अपराधियों को आपके साथ गलत करने की ताकत दे रहा है। इसलिए स्वयं जागरुक बनें और अपने घर-परिवार, दोस्तों को भी जागरुक कर जिम्मेदार और स्मार्ट नागरिक की जिम्मेदारी निभाएं। इस अपर सहायक उप निरीक्षक टंकेश्वर यादव ने भी छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ठगी और अन्य बातों पर अपने अनुभव साझा करते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पुलिस परिवार से प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नीरज वर्मा, आरक्षक आलोक पांडेय, कौशल प्रसाद एवं महिला आरक्षक श्रीमती अर्चना तिर्की उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार से टीपी नरसिम्हम, शिक्षा संकाय की प्रभारी डाॅ भारती कुलदीप, डाॅ रश्मि शुक्ला, श्रीमती अनीता यादव उपस्थित रहे।
साइबर जागृति अभियान में शामिल हो जागरुक नागरिक बनें: प्रशिक्षु एसआई नीरज वर्मा
कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रशिक्षु एसआई नीरज वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से कोरबा समेत प्रदेशभर में साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरु होकर 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा, जिसके तहत विभिन्नस्कूलों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने सतर्क करते हुए बताया कि पुराने दौर के ज्यादातर मामलों में अपराधी मौके पर पहुंचकर यानि फिजिकल रूप से मौजूद रहकर अपराध करते थे। अब इंटरनेट और स्मार्टफोन के इस दौर में अपराधी घर बैठे अपराध कर रहे हैं, जिसमें साइबर फ्राॅड के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। इनसे बचने के लिए आम लोगों का जागरुक व सतर्क रहना सबसे जरूरी है। श्री वर्मा ने बताया कि युवा वर्ग तो फिर भी अवेयर है, पर साइबर अपराध के ज्यादातर शिकार बुजुर्ग और बच्चे हो रहे हैं, जो किसी थ्रेड पर जल्दी से घबरा जाते हैं। इसलिए आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने आस पास जागरूकता के सतत प्रयास करें।
डिजिटल युग के स्मार्ट यूजर बनें: डाॅ प्रशांत
प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि आज के समय में इंटरनेट और स्मार्टफोन हमारी बुनियादी जरूरत बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। साइबर अपराधी लोगों के लालच और अज्ञानता का फायदा उठाते हैं। हमारी एक छोटी सी लापरवाही जैसे कि अज्ञात लिंक पर क्लिक करना या किसी के झांसे में आना, हमारे बैंक खाते को खाली कर सकता है। लापरवाही के चलते ही जोखिम बढ़ता है, इससे बचने आप सभी स्मार्ट यूजर बनें।







