संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जाजगीर चांपा ईकाई ने डिप्टी कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के नाम सौंपा ज्ञापन।
विभागीय पदोन्नति में अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने शासन से पूर्व की पदोन्नति प्रक्रिया को यथावत रखने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री संजय सिंह ठाकुर ,संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर प्रांतीय संगठन मंत्री श्री मनोज राय,प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी,प्रांतीय कोषाध्यक्ष गयाराम राजवाड़े के निर्देशानुसार जिला इकाई जांजगीर चांपा के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह से मुलाकात कर कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा संचालक एवं राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा।
संघ ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में जिला एवं संभाग स्तर पर प्रक्रियाधीन विभागीय पदोन्नतियों में अग्रेतर पद की सीधी भर्ती हेतु निर्धारित न्यूनतम अर्हताओं, विशेषकर टीईटी उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता, को लागू किया जा रहा है, जबकि वर्ष 2019 से 2025 के बीच विभिन्न पदों पर हुई विभागीय पदोन्नतियों में गैर-टीईटी शिक्षकों को भी पदोन्नति दी गई है। ऐसे में वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में नई बाध्यता लागू करना शिक्षकों के हित में न्यायसंगत नहीं है।
ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना का हवाला देते हुए पूर्व से नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम अर्हता से मुक्त रखने के प्रावधान का उल्लेख किया गया है। संघ ने शासन से मांग की कि प्रक्रियाधीन विभागीय पदोन्नतियों में टीईटी की अनिवार्यता को हटाते हुए पूर्व में अपनाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के अनुरूप पदोन्नति की कार्रवाई पूर्ण की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, प्रांतीय मंत्री डॉ. भुवनेश्वर देवांगन, संभागीय सचिव प्रमोद हंसराज, राजेन्द्र जायसवाल, प्रदीप श्रीवास एवं जय तिवारी सहित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संघ ने शासन से शिक्षकों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की है।







