महासमुंद। जिला प्रशासन अब जनसमस्याओं और विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो टूक चेतावनी देते हुए अधिकारियों को समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश से जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत, किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन और सड़कों पर खुले घूम रहे मवेशियों के खिलाफ तत्काल जमीनी कार्रवाई दिखनी चाहिए।
बैठक के प्रमुख कड़े फैसले और निर्देश:
* सड़क मरम्मत में जीरो टॉलरेंस: बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों का तुरंत संयुक्त निरीक्षण कर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने का आदेश दिया गया। आवागमन में बाधा या सुरक्षा से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।
* आवारा मवेशी छोड़ने वालों पर अर्थदंड: सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण हो रहे हादसों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगरीय निकायों और पंचायतों को नियमित अभियान चलाने को कहा गया है। समझाने के बाद भी मवेशियों को खुला छोड़ने वाले मालिकों पर सीधे एफआईआर और भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।
* 30 सितंबर तक बच्चों के पहचान पत्र का लक्ष्य: बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा विभाग के समन्वय से छूटे हुए सभी बच्चों के पहचान पत्र पंजीयन का काम 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने की डेडलाइन तय की।
* डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्रीस्टेक पंजीयन: जिले के शत-प्रतिशत गांवों में डिजिटल फसल सर्वे शुरू कर शेष क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात करने को कहा गया। पटवारियों को सर्वे किए गए प्लॉट्स का अप्रूवल तत्काल निपटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
* शिकायतों का त्वरित निपटारा व स्वच्छता: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल और जनदर्शन की लंबित शिकायतों को बिना हीलाहवाली के गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुलझाने और शहरों में प्रतिदिन ठोस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।







