नन्हे बच्चे भी पानी में उतरकर रास्ता पार करने को मजबूर, हादसे की आशंका बढ़ी
बीजापुर। जिला मुख्यालय से महज 10 से 11 किलोमीटर दूर स्थित चेरपाल क्षेत्र में ग्रामीण इन दिनों जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। चेरपाल से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर स्थित रेगड़गट्टा का पुल बह जाने से ग्रामीणों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
पुल के बह जाने के बाद ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि नन्हे-नन्हे बच्चे भी पानी में उतरकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
बरसात के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में अस्पताल या अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण किया जाए। साथ ही तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने और पुल का निर्माण कराने की मांग की गई है, ताकि ग्रामीणों को जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े और किसी अनहोनी से बचा जा सके।
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब इस समस्या का समाधान होगा और उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
बीजापुर संवाददाता — पुकार बाफना







