संवाददाता – युसूफ खान
सामरी। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सामरी लीज क्षेत्र में संचालित आदित्य विद्या मंदिर स्कूल में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने वाली बस का फिटनेस करीब 9 महीने से फेल है, इसके बावजूद बस का संचालन धड़ल्ले से जारी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बस से रोजाना स्कूली बच्चों का आवागमन होता है, तो हिंडाल्को प्रबंधन द्वारा उसकी फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है? बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे जारी है?
ट्रकों के कागजात की रोजाना जांच, स्कूल बस पर क्यों नहीं?
हिंडाल्को के बॉक्साइट ट्रांसपोर्टिंग में चलने वाले ट्रकों के फिटनेस, परमिट और टैक्स जैसे दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रबंधन द्वारा सख्ती बरती जाती है। दस्तावेजों में एक दिन की भी कमी होने पर ट्रक खड़े कर दिए जाते हैं और ट्रक मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब ट्रांसपोर्टिंग वाहनों के कागजात रोजाना चेक किए जाते हैं, तो बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाली बस की फिटनेस की जांच क्यों नहीं हुई?

बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कब तक?
स्कूली बस में रोजाना मासूम बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में वाहन की फिटनेस को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। यदि संबंधित बस का फिटनेस वास्तव में करीब 9 महीने से फेल है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अब देखने वाली बात यह होगी कि खबर सामने आने के बाद हिंडाल्को प्रबंधन जागता है या बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले पर कुंभकर्णी नींद में ही सोता रहेगा।
प्रबंधन से सवाल:
क्या स्कूल बस की फिटनेस तत्काल जांच कराई जाएगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे?







