बृजेश चतुर्वेदी :- उदयपुर/केदमा
मैनपाट क्षेत्र से आए 14 हाथियों का दल पिछले तीन दिनों से उदयपुर क्षेत्र के पटकुरा, बनकेशमा, केशमा, केदमा, शायर, लालपुर, दुफाखार एवं बसवार सहित आसपास के जंगलों में विचरण कर रहा है। हाथियों के लगातार क्षेत्र में मौजूद रहने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं हाथियों के दल द्वारा धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, केदमा-मुहानी पुलिया के पास हाथियों के दल में एक हथिनी ने शावक को जन्म दिया है। शावक के साथ हाथियों का दल क्षेत्र में घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। हाथियों की मौजूदगी के चलते ग्रामीण रातजगा करने को मजबूर हैं और रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। वनपाल गिरीश बहादुर सिंह के नेतृत्व में वन अमला क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहा है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जंगल में खुखड़ी बीनने, लकड़ी लेने अथवा अन्य कार्यों के लिए जाने तथा मवेशियों को जंगल की ओर ले जाने से बचने की लगातार समझाइश दी जा रही है।

हाथियों की निगरानी के लिए केदमा, शायर एवं भकुरमा क्षेत्र की वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। हालांकि हाथियों का दल आगे किस दिशा में जाएगा, इसका फिलहाल कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सका है।
वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनका पीछा नहीं करने की अपील की गई है। इसके बावजूद कुछ लोग हाथियों का पीछा कर उनकी गतिविधियों को देखने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं और न ही उन्हें उकसाने या उनका पीछा करने का प्रयास करें।







