नगरी:- कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नगरी क्षेत्र के तीन प्रतिभावान कलाकारों को राजकीय सम्मान से सम्मानित किए जाने पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इन कलाकारों ने अपनी कला, साहित्य एवं रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। सांकरा निवासी फलेंद्र कश्यप ने मूर्तिकला एवं संस्कृति अवॉर्ड से सम्मानित हुए कलाकार ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और पारंपरिक कला के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके साथ ही मोदे निवासी विकास शांडिल्य को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्कृति दूत अवार्ड से सम्मानित किया गया है। विकास शांडिल्य एक प्रतिभाशाली लीफ आर्टिस्ट हैं, जो पीपल के पत्तों पर अपनी अद्भुत कलाकृतियां उकेरकर कला और संस्कृति को एक अनूठे रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, तीज-त्योहारों, देवी-देवताओं तथा देश-विदेश के महान व्यक्तित्वों की आकृतियां पीपल के पत्तों पर उकेरते हैं। इसके साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश भी अपनी कलाकृतियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उनकी कला में भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। पीपल के पत्तों जैसी प्राकृतिक सामग्री को माध्यम बनाकर विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां तैयार करना उनकी कला को विशेष पहचान देता है। साहित्य के क्षेत्र में अपनी निरंतर लेखनी के माध्यम से पहचान बनाने वाले बिरझू अग्रवानी छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उनकी रचनाएं छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से प्रकाशित होने वाली पत्र-पत्रिकाओं में भी स्थान पा रही हैं। बिरझू अग्रवानी द्वारा त्योहार, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक विषयों पर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में अनेक रचनाएं लिखी गई हैं। उनकी रचनाओं को विभिन्न मासिक पत्रिकाओं एवं साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किया जा रहा है, जिससे उन्हें साहित्य जगत में व्यापक पहचान मिल रही है। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भगवती लाल सेन साहित्य रत्न अवार्ड सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया है। उनकी लेखनी में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, सामाजिक सरोकार और साहित्यिक भावनाओं की झलक देखने को मिलती है।
राजकीय सम्मान मिलने पर कलाकारों के परिजनों, साहित्यकारों, कलाकारों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सम्मानित कलाकारों ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी कला एवं साहित्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को मिला यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है तथा इससे क्षेत्र की कला और साहित्यिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिलेगा।







