संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
ललित कुमार कुंभकार भकार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
जिला जांजगीर-चांपा । जिले में ठेका कार्य से जुड़े लेन-देन को लेकर ललित कुमार कुंभकार युवक द्वारा पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कथित रूप से धमकी दिए जाने और झूठे प्रकरण में फंसाने की आशंका जताई गई है। चांपा निवासी ललित कुमार कुंभकार ने आज दिनांक 22 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर पूरे मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
शिकायत में ललित कुमार कुंभकार ने बताया है कि वह चांपा का निवासी है तथा पेटी कांट्रेक्टर के तौर पर कार्य करता है। आवेदन के अनुसार उसकी पहचान सोमनाथ देवांगन से हुई थी और दोनों ने बिजली खंभा लगाने से संबंधित ठेका कार्य में साथ काम किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक संबंधित कार्य में सोमनाथ की ओर से 50 हजार रुपये तथा उसके द्वारा 1 लाख रुपये लगाए गए थे। कार्य की वर्तमान स्थिति और राशि के भुगतान को लेकर दोनों के बीच विवाद उत्पन्न होने की बात आवेदन में कही गई है।
रकम वापसी को लेकर कथित दबाव
ललित कुमार कुंभकार के अनुसार ठेका कार्य की राशि का पूरा भुगतान वर्तमान में नहीं हुआ है। इसी को लेकर सोमनाथ देवांगन द्वारा कथित तौर पर लगाई गई रकम वापस मांगते हुए उस पर दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रकम वापस नहीं करने पर उसे नौकरी लगाने के नाम पर झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आशंका व्यक्त की है कि उसके विरुद्ध किसी भी थाने अथवा अन्य स्थान पर झूठी शिकायत कर उसे कानूनी परेशानी में डाला जा सकता है। उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस के संज्ञान में लाते हुए विधि अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब जांच से सामने आएगा वास्तविक सच
मामले में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ठेका कार्य में किसने कितनी राशि लगाई, भुगतान कितना हुआ, कार्य से संबंधित दस्तावेज क्या हैं तथा दोनों पक्षों के बीच वास्तव में किस प्रकार का आर्थिक विवाद है—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि यदि किसी व्यक्ति को झूठे आपराधिक प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जा रही है, तो उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही नहीं पाए जाते हैं, तो जांच में उसका तथ्य भी सामने आना चाहिए।
जिला जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस की निष्पक्ष विवेचना को लेकर हाल ही में एक अन्य मामले में भी कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहां पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद कथित विवेचनात्मक लापरवाही पर संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन अटैच किया गया।
शिकायत की निष्पक्ष जांच से ही मिलेगा न्याय
ललित कुमार कुंभकार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत को दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि उसके विरुद्ध झूठा प्रकरण दर्ज कराने अथवा धमकाने का प्रयास किया जा रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
छत्तीसगढ़ पुलिस के नागरिक पोर्टल पर नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने और एफआईआर/केस स्टेटस देखने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
*अब देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत पर किस स्तर की जांच करती है और ठेका कार्य की रकम को लेकर चल रहे विवाद का वास्तविक सच क्या सामने आता है। शिकायतकर्ता की मांग स्पष्ट है—आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और यदि वह निर्दोष है तो उसे झूठे प्रकरण की आशंका से सुरक्षा मिले।







