अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट लॉन्च कर दिया है। ट्रंप ने मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस America.gov वेबसाइट लॉन्च की, जिसका मकसद सरकारी जानकारी और सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाना है। हालांकि लाइव प्रोग्राम में ट्रंप का कबाड़ा उस समय हो गया, जब ट्रंप के दावों से अलग AI चैटबॉट जवाब देने लगा। न लॉन्च के तुरंत बाद वेबसाइट का एआई चैटबॉट कुछ ऐसे राजनीतिक और संवेदनशील सवालों के जवाब देने लगा, जो ट्रंप के सार्वजनिक बयानों से अलग थे। वहीं लॉन्च के कुछ ही समय बाद वेबसाइट ने इनमें से कुछ राजनीतिक सवालों के जवाब देना भी बंद कर दिया।
America.gov चैटबॉट ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव, 2028 में ट्रंप की संभावित उम्मीदवारी, जलवायु परिवर्तन, पेंटागन और राष्ट्रपति के वेतन जैसे संवेदनशील सवालों पर जवाब दिए। ये सभी जवाब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों से बिलकुल अलग थे।
2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर America.gov के चैटबॉट ने कहा कि आधिकारिक संघीय स्रोतों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी ने चुनाव के नतीजे को बदल दिया। चैटबॉट ने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़े कुछ अलग-अलग अपराध हुए थे और उनके मामलों में कार्रवाई की गई। ट्रंप लंबे समय से बिना प्रमाण यह दावा करते रहे हैं कि 2020 का चुनाव उनसे चुरा लिया गया था। हालांकि, चुनाव के बाद हुए ऑडिट और दोबारा मतगणना में बड़े पैमाने पर ऐसी धोखाधड़ी नहीं मिली, जिससे चुनाव का परिणाम बदल गया हो।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, America.gov के चैटबॉट ने लॉन्च के शुरुआती समय में कई राजनीतिक सवालों के सीधे जवाब दिए। हालांकि कुछ ही समय बाद वेबसाइट ने अपने जवाबों में बदलाव करना शुरू कर दिया। 2020 के चुनाव जैसे सवालों पर बाद में चैटबॉट ने कहा कि वह राजनीतिक सवालों का जवाब नहीं देता। महज कुछ समय के भीतर जवाबों में यह बदलाव सामने आया।
चैटबॉट ने पेंटागन को डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस यानी रक्षा विभाग का मुख्यालय बताया। यह जवाब भी ट्रंप की उस पहल से अलग है, जिसके तहत उन्होंने रक्षा विभाग का नाम बदलकर डिपार्टमेंट ऑफ वार करने की दिशा में कदम उठाया है।
जब चैटबॉट से पूछा गया कि क्या ट्रंप 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं, तो उसने अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन का हवाला दिया। जवाब में कहा गया कि कोई व्यक्ति दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता और डोनाल्ड ट्रंप 2016 और 2024 में दो बार निर्वाचित हो चुके हैं। चैटबॉट ने साथ ही स्पष्ट किया कि वह कानूनी सलाह नहीं दे रहा है।