दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट से अचानक हाइजैक का अलर्ट मिलने के बाद इजराइल में हड़कंप मच गया। विमान ने पहले सामान्य इमरजेंसी का 7700 कोड भेजा और फिर 7500 कोड भेजा, जो हाइजैक या विमान में गैरकानूनी दखल का संकेत होता है। इसके बाद इजराइल ने विमान की तरफ फाइटर जेट भेज दिए।
फ्लाइट ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उतर गई। विमान में करीब 180 यात्री सवार थे। इनमें 150 से ज्यादा इजराइली नागरिक थे।
लैंडिंग के बाद सामने आया कि विमान में हाइजैक जैसी स्थिति नहीं थी। इजराइली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बीच कहासुनी के बाद ये सिग्नल भेजे गए थे।
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान सऊदी अरब के ऊपर पहुंचने के बाद अपने तय रास्ते से मुड़ गया था।
इसके बाद विमान ताबुक एयरपोर्ट की तरफ बढ़ा। कुछ समय के लिए फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर विमान की स्थिति दिखनी भी बंद हो गई थी।
विमान से मिले अलर्ट के बाद इजराइल में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। हिब्रू मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी मामले को लेकर इमरजेंसी बातचीत की।
इस दौरान विमान की स्थिति और उसमें सवार यात्रियों को लेकर जानकारी जुटाई गई। इजराइली एयरफोर्स के फाइटर जेट भी विमान की तरफ भेजे गए थे।
पायलटों के बीच किस बात पर बहस हुई?
इजराइली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, विमान से ‘गैरकानूनी दखल’ और सामान्य इमरजेंसी का सिग्नल पायलटों के बीच हुई कहासुनी के बाद भेजा गया था।
हालांकि, पायलटों के बीच किस बात को लेकर बहस हुई थी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि 7500 कोड किस वजह से भेजा गया था।
फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। विमान के सऊदी अरब में उतरने के बाद अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी जुटाने का मौका मिला है।







