-रायखेड़ा सरपंच की कार में की गई तोड़फोड़, अवैध शराब की बिक्री को लेकर उपजा विवाद; भारी पुलिस बल तैनात और स्थानीय लोग धरने पर बैठे
रघुराज/रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे खरोरा थाना क्षेत्र स्थित रायखेड़ा गाँव के अडानी प्लांट में आधी रात को अचानक हिंसक झड़प और उपद्रव का बड़ा मामला सामने आया है। प्लांट के भीतर और रिहायशी परिसर में मजदूरों के दो गुटों के बीच देर रात शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर पथराव किया गया। इस हिंसक घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे खरोरा थाना प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर (एसआई) चेतन दुबे और कई अन्य पुलिसकर्मी पथराव की चपेट में आकर घायल हो गए हैं। इसके साथ ही उपद्रवियों ने रायखेड़ा के सरपंच दिनेश वर्मा की गाड़ी और प्लांट परिसर में खड़ी अन्य गाड़ियों में भी भारी तोड़फोड़ की है।
विवाद की मुख्य वजह: अवैध शराब की बिक्री और तस्करी
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे उपद्रव और हिंसक झड़प की मुख्य वजह प्लांट परिसर के भीतर अवैध रूप से बेची जा रही शराब है।
सुरक्षाकर्मियों द्वारा जब्ती: देर रात कुछ बाहरी मजदूर प्लांट के भीतर अवैध रूप से शराब ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड्स ने उन्हें रोक लिया और शराब जब्त कर पुलिस को सौंप दी।
गुटों में कहासुनी और मारपीट: शराब जब्त होने और अंदर अवैध बिक्री की बात को लेकर मजदूरों के दो गुटों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज से बढ़कर हिंसक पथराव में बदल गया।
स्थानीय दुकानों में तोड़फोड़: उपद्रवी मजदूरों ने केवल आपस में ही पथराव नहीं किया, बल्कि परिसर व आसपास मौजूद सब्जी, फल और अन्य स्थानीय दुकानों में भी तोड़फोड़ की और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की।
सरपंच की गाड़ी पर हमला और पुलिस टीम पर पथराव
जैसे ही इस हंगामे और पथराव की जानकारी रायखेड़ा गाँव के सरपंच दिनेश वर्मा को मिली, वे स्थिति का जायजा लेने और मामला शांत कराने पहुंचे। हालांकि, बेकाबू हो चुके उपद्रवियों ने उनकी कार पर भी हमला कर दिया और वाहन में तोड़फोड़ कर दी, जिससे उन्हें जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा।
सूचना मिलने पर जब खरोरा थाना प्रभारी और एसआई चेतन दुबे की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो
उत्तेजित मजदूरों ने पुलिस वाहनों और पुलिसकर्मियों पर भी सीधा पथराव शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मी हुए घायल: इस अचानक हुए पथराव में एसआई चेतन दुबे समेत कई पुलिस जवानों को चोटें आई हैं।
अतिरिक्त बल का घेराव: घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही रायपुर ग्रामीण पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त
पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पुलिस ने पूरी फैक्ट्री और उसके प्रवेश द्वारों को चारों तरफ से घेर लिया और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों का प्रदर्शन एवं मांगें
घटना के अगले दिन सुबह अडानी प्लांट के गेट नंबर-1 पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में दर्ज की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच दिनेश वर्मा और स्थानीय मजदूर प्लांट के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
स्थानीय निवासियों और धरना दे रहे लोगों ने इस पूरी घटना के लिए प्लांट प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र को जिम्मेदार ठहराया है:
- अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध: ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के गेट नंबर-2 से रोज दर्जनों पेटी अवैध शराब अंदर पहुंचाई जाती है और बेची जाती है। इस पर स्थायी रोक लगाई जानी चाहिए।
- गेट नंबर-2 को बंद करने की मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्लांट का गेट नंबर-2, जहां से अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही होती है, उसे हमेशा के लिए सील/बंद किया जाए।
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: उपद्रव, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ करने वाले बाहरी मजदूरों के खिलाफ पुलिस कड़ा कानूनी एक्शन ले।
- स्थानीय कर्मचारियों का भुगतान: प्रदर्शन कर रहे स्थानीय मजदूरों के बकाए और वेतन का समय पर भुगतान किया जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
वर्तमान में रायपुर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा धरने पर बैठे सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मजदूरों के गुटों से लगातार बातचीत कर समझाइश दी जा रही है।
मामले में एफआईआर दर्ज कर उपद्रव फैलाने वाले और पथराव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस टीम पर हमला करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।







