शब्बीर कुरैशी/बालोद / दल्ली-राजहरा | बालोद जिले के आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। शासकीय शराब दुकानों में ड्रेस के नाम पर 1500 रुपये की अवैध वसूली करने वाले कर्मचारी संतोष यादव पर विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार संतोष यादव द्वारा दुकानों के सेल्समैनों और कर्मचारियों से ड्रेस के नाम पर प्रति व्यक्ति 1500 रुपये की वसूली की जा रही है। आरोप है कि यह वसूली बिना किसी शासकीय आदेश के की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासन को इस वसूली का कोई डर नहीं है।
स्थानीय कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विरोध करने पर ड्यूटी से हटाने और दूसरी जगह ट्रांसफर करने की धमकी दी जाती है।
आखिर ये 1500 रुपये किसकी जेब में जा रहे हैं?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ड्रेस के नाम पर वसूले जा रहे ये हजारों रुपये आखिर किसके पास जा रहे हैं? क्या यह पैसा अकेले संतोष यादव का है या इसके पीछे बड़े अधिकारियों का भी हाथ है? क्योंकि लगातार शिकायतों के बाद भी बालोद जिला आबकारी अधिकारी द्वारा संतोष यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता की नजर बालोद कलेक्टर पर
जिले में लगातार हो रही इस अवैध वसूली को लेकर अब जनता का विश्वास सिर्फ बालोद कलेक्टर पर टिका है। लोगों का कहना है कि कलेक्टर महोदया को इस मामले में स्वयं संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि 1500 रुपये की अवैध वसूली की जांच कर दोषी संतोष यादव और उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।







