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कवर्धा में किसानों का चक्काजाम, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से प्रमुख मार्गों की घेराबंदी; 23 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

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धान के बकाया भुगतान, गन्ना बोनस और समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग; यातायात प्रभावित, प्रशासन और पुलिस अलर्ट

संवाददाता: रघुराज

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ और समृद्ध किसान संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्ग-30 सहित कई प्रमुख सड़कों पर आवागमन बाधित कर दिया। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने चक्काजाम कर सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया। आंदोलन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सात प्रमुख स्थानों पर चक्काजाम, यातायात प्रभावित

आंदोलन के दौरान जोराताल चौक, रायपुर रोड, बिलासपुर रोड, राजनांदगांव रोड, समनापुर रोड, न्यू बस स्टैंड और खुंटू नर्सरी रोड सहित सात प्रमुख स्थानों पर किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर आवागमन रोक दिया। इससे कवर्धा से रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव और मध्य प्रदेश की सीमा की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।

सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।

आम जनजीवन पर पड़ा असर

चक्काजाम के कारण शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। यात्री बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। स्कूली वाहनों और स्थानीय परीक्षाओं पर भी असर पड़ने की जानकारी दी गई है।

प्रदर्शनकारियों ने आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस और मरीजों के वाहनों को निकलने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की बात कही। वहीं, कुछ राहगीरों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।

23 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन

किसानों का यह प्रदर्शन कुल 23 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। इनमें धान खरीदी के बकाया भुगतान, गन्ना किसानों को बोनस, समर्थन मूल्य में वृद्धि और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित कई मुद्दे शामिल हैं।

धान के बकाया भुगतान की मांग: किसानों का दावा है कि पिछले वर्षों की धान खरीदी से संबंधित लगभग 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने इस राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की है।

गन्ना बोनस और बकाया राशि: गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल 150 रुपये बोनस देने तथा सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने से संबंधित 30 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि जारी करने की मांग उठाई गई है।

धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग: किसानों ने धान खरीदी का समर्थन मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने और खरीदी केंद्रों पर तौल प्रक्रिया को 40 किलो 700 ग्राम तक सीमित रखने की मांग रखी है।

कृषक उन्नति योजना का लाभ: किसानों की मांग है कि गन्ना, फल और सब्जी उत्पादकों को भी कृषक उन्नति योजना के दायरे में शामिल किया जाए और उन्हें 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाए।

सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: आंदोलनकारियों ने सुतियापाठ, पिलारी और घोघरा नहर-नाली के विस्तार तथा करिया आमा बांध के निर्माण की मांग भी उठाई है।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

आंदोलन में शामिल किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर भोजन और ठहरने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बिलासपुर रोड और जोराताल के आसपास कुछ किसान रामधुनी और संकीर्तन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक एवं लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जा सकता है।

प्रशासन और पुलिस बल सतर्क

स्थिति को देखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और 300 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन की ओर से किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और बाधित मार्गों पर यातायात सामान्य हो सके।

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