आरंग संवाददाता – सोमन साहू
आरंग। पितृ मोक्ष तिथि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य इकाई सोम साहित्य संस्थान (उत्तर प्रदेश) के संस्थापक सोमेश तिवारी सोम के तत्वावधान में एक भव्य राष्ट्रीय आभासी (ऑनलाइन) कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। साहित्यिक पटल पर आयोजित इस गरिमामयी गोष्ठी का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के चंदौसी से पधारीं कवयित्री आशा बिसारिया की सुमधुर वाणी वंदना एवं आरंग के रचनाकार कवि अरविन्द वैष्णव द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण के साथ हुआ।
देशभर से वर्चुअली जुड़े कलमकारों ने अपनी विविधवर्णी रचनाओं से साहित्यिक समागम को नई ऊंचाइयां दीं। सम्मेलन में जहां एक ओर पितृ वंदना और आगामी नवरात्र के पावन आगमन की आध्यात्मिक अनुभूतियां साझा की गईं, वहीं दूसरी ओर कवियों ने भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान भी किया। इसके साथ ही आज के ज्वलंत विषयों—मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक विकृतियों, मोबाइल-इंटरनेट की लत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावों पर गंभीर व व्यंग्यात्मक काव्य प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को गहराई से सोचने पर विवश किया।
काव्य प्रवाह में सुल्तानपुर से रमेश नंदवंशी, रायबरेली से बृजराज वर्मा ‘सलोनी’ व जनकवि सुखराम शर्मा ‘सागर’, मुंबई से रामजीलाल वर्मा ‘कल्याण’ व मार्गदर्शक कवि मनोज ‘उरई’, तथा ग्रेटर नोएडा से शैलजा सक्सेना ने अपनी श्रेष्ठ कृतियों का पाठ किया। छत्तीसगढ़ की ओर से संस्थान के संरक्षक कवि सुरेंद्र अग्निहोत्री ‘आगी’, पटल अध्यक्ष हरमन बघेल ‘हरि’, लिंक कार्यक्रम प्रभारी हरेंद्र साहू एवं जी. आर. टंडन ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए पटल को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का सहज व प्रभावी संचालन कवि अरविन्द वैष्णव द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन में हरमन बघेल की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।







