रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी
लाखों पदयात्रियों ने महामाया धाम पहुँचकर किए दर्शन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी, विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी माँ के दरबार में लगाई हाजिरी
रतनपुर। छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर माँ महामाया देवी के दरबार में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने माँ महामाया के दर्शन कर माथा टेका और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलमय जीवन की कामना की। सप्तमी की रात मंदिर परिसर सहित आसपास के मार्गों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। माँ के जयकारों से पूरी धार्मिक नगरी भक्तिमय हो उठी।
लाखों पदयात्रियों की आस्था ने बनाया भक्तिमय माहौल
नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु पदयात्रा कर रतनपुर पहुँचे। लंबी दूरी तय कर माँ के दरबार तक पहुँचने वाले भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा और सहायता के लिए लोग जुटे रहे। पदयात्रियों की लंबी कतारों और माँ महामाया के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
चरणदास महंत, रेणु जोगी और सुशांत शुक्ला सहित जनप्रतिनिधियों ने किए दर्शन
सप्तमी की रात माँ महामाया के दर्शन के लिए प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी रतनपुर पहुँचे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी तथा विधायक सुशांत शुक्ला सहित प्रदेश के अन्य विधायक और जनप्रतिनिधियों ने माँ महामाया के दरबार में पहुँचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी चर्चा में रही। जनप्रतिनिधियों ने माँ महामाया के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजाम
नवरात्रि में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। मंदिर क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी के बीच श्रद्धालुओं ने माँ महामाया के दर्शन किए। पदयात्रियों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी गई। नवरात्रि के इस बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन की जिम्मेदारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना रही।
आस्था, परंपरा और विश्वास का प्रतीक है महामाया धाम
माँ महामाया की नगरी रतनपुर में नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी प्रतीक है। हर वर्ष देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ के दर्शन के लिए यहाँ पहुँचते हैं। सप्तमी की रात उमड़ी भीड़, पदयात्रियों की श्रद्धा और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने महामाया धाम की धार्मिक महत्ता को एक बार फिर रेखांकित किया।माँ महामाया के जयकारों के बीच रतनपुर की गलियाँ भक्तिमय नजर आईं और श्रद्धालुओं ने पूरे विश्वास के साथ माँ के चरणों में शीश नवाकर सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।







