महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
बागबाहरा (महासमुंद):
बागबाहरा की सरज़मीं पर सुन्नी हनफ़ी मुस्लिम जमाअत द्वारा एक दिवसीय रूहानी जलसा ‘जश्ने गौसुलवरा कांफ्रेंस’ का विशाल आयोजन किया जा रहा है। हाजी अमजद मेमन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह धार्मिक कांफ्रेंस 29 अक्टूबर 2026, दिन गुरुवार (रोज़-ए-जुमेरात) को बाद नमाज़-ए-इशा मस्जिद कैंपस, बागबाहरा (जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़) में आयोजित की जाएगी।
यह कांफ्रेंस हज़रत अल्लामा, अशशाह मुफ्ती मुहम्मद सिब्तैन रज़ा ख़ान कादरी बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) के फैज़-ए-रूहानी और सज्जादानशीन हज़रत अल्लामा मौलाना पीर सय्यद शाह सुहैल ए मिल्लत अहमद कादरी चिश्ती वास्ती (सय्यद सुहैल-ए-मिल्लत, बिलग्राम शरीफ) की सरपरस्ती में संपन्न होगी। कार्यक्रम की सदारत हज़रत मौलाना मुहम्मद इरफ़ानुल हक़ कादरी (ख़तीब व इमाम जामा मस्जिद बागबाहरा) करेंगे, जबकि निज़ामत के फ़राइज़ हज़रत मौलाना गुलाम मुहियुद्दीन (सिलयारी) अंजाम देंगे।
दूर-दराज से जुटेंगे उलेमा-ए-किराम:
कांफ्रेंस में मुकर्रिर-ए-ख़ुसूसी के तौर पर बरेली शरीफ (उत्तर प्रदेश) से हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद तबरेज़ आलम शिरकत करेंगे और अपने पुरअसर बयानों से अकीदतमंदों को नवाजेंगे। इसके साथ ही मुफ़्ती मोहम्मद आफ़ताब आलम रहमती और रहमत अली बरकाती मेहमान-ए-ख़ुसूसी के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में कुरआन पाक की तिलावत हज़रत मौलाना हाफ़िज़ अली नवाज़ करेंगे तथा प्रसिद्ध शायर-ए-इस्लाम सय्यद अब्दुल कादिर सिब्तैनी एवं ज़हीर रहबर मनमोहक नात-ए-पाक का नज़राना पेश करेंगे।
लंगर और परदे का विशेष प्रबंध:
आयोजन समिति ने बताया कि बाहर से तशरीफ लाने वाले सभी मेहमानों व अकीदतमंदों के लिए लंगर का खास इंतजाम रहेगा, साथ ही महिलाओं (औरतों) के लिए परदे की माकूल और अलग व्यवस्था की गई है। हाजी अमजद मेमन और सुन्नी हनफ़ी मुस्लिम जमाअत बागबाहरा ने समस्त धर्मप्रेमियों व अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सवाब हासिल करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।







