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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पनिका-पनका समाज ने सौंपा पाँच पृष्ठीय आवेदन, अनुसूचित जनजाति में पुनः शामिल करने की गुहार

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संवाददाता : बसंत राघव
बिलासपुर/जगदलपुर, 23 अक्टूबर 2026।
बस्तर के विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय दशहरा महोत्सव का आज ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ के साथ भव्य समापन हुआ। जगदलपुर के सिरहासार भवन में आयोजित समापन समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू थीं। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जनजातीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बस्तर को अपनी समृद्ध और अनूठी संस्कृति को सदैव सँजोकर रखना चाहिए।
(सुरक्षा घेरे को पार कर राष्ट्रपति तक पहुँची समाज की आवाज़)
इस ऐतिहासिक अवसर पर पनिका-पनका जाति समुदाय को पुनः अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए एक साहसिक प्रयास किया गया। पनिका-पनका जाति राष्ट्रीय महासमिति की ओर से जगदलपुर की महिला प्रतिनिधि वंदना दास ने सुरक्षा बलों से विशेष अनुमति लेकर राष्ट्रपति के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और समाज की माँग रखी।
वंदना दास ने भावुक होकर लगभग तीन मिनट तक राष्ट्रपति के समक्ष पनिका समाज की गरीबी, भुखमरी और असहाय स्थिति से जुड़ी समस्याओं को प्रस्तुत किया।
(ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ सौंपा पाँच पृष्ठीय आवेदन)
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को समाज को अनुसूचित जनजाति के दर्जे में पुनः शामिल करने की माँग को लेकर पाँच पृष्ठों का विस्तृत आवेदन सौंपा। इसके साथ ऐतिहासिक साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं। इनमें 15 नवंबर 1960 को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना शामिल है, जिसके क्रमांक 39 पर पनिका समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
इसके अतिरिक्त, 8 दिसंबर 1971 की उस अधिसूचना का भी उल्लेख किया गया है, जिसके माध्यम से क्षेत्रीय प्रतिबंध लगाए जाने के कारण छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति से संबंधित लाभों से वंचित कर दिया गया था।
(राष्ट्रपति ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया)
पनिका-पनका समाज की समस्याओं और उसकी माँगों को राष्ट्रपति ने संवेदनशीलता के साथ सुना तथा इस विषय पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। राष्ट्रपति के इस आश्वासन से पनिका-पनका समाज में अपने संवैधानिक अधिकारों को पुनः प्राप्त करने की उम्मीद जगी है।
इस अवसर पर मुरिया दरबार में वंदना दास के साथ समाज की अन्य महिला प्रतिनिधियाँ मालती दास, कमला दास, लक्ष्मी दास और सरस्वती दास भी उपस्थित थीं।
आवेदन सौंपे जाने के समय मंच पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बस्तर के सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर के विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव तथा संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति राष्ट्रपति के साथ उपस्थित थे।

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