जनपद पंचायत कुसमी की ग्राम पंचायत चटनिया का मामला, RES विभाग के एसडीओ और इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर सवाल
संवाददाता युसूफ खान | कुसमी, बलरामपुर (छत्तीसगढ़)
कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत चटनिया के कचवा पारा में RES (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) विभाग द्वारा कराए जा रहे अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से संबंधित विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, भवन निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ियों को लेकर विभाग के एसडीओ एवं इंजीनियर को शिकायत की गई थी। इसके बावजूद अब तक मौके पर जांच और कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा शासकीय राशि के सही उपयोग को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भी विभाग के एसडीओ से इस मामले में बात की जाती है, तो उनके द्वारा ‘दिखवाता हूं’ कहकर जवाब दिया जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। इससे शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आने पर खबर को उसमें शामिल किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशों के बीच कार्रवाई पर नजर
बलरामपुर जिले में कलेक्टर द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती बरतने और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देशों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ग्राम पंचायत चटनिया के कचवा पारा में चल रहे अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य की जांच के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण स्थल का निरीक्षण कराएंगे? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि की जांच होगी? और यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी?
फिलहाल, शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद विभागीय अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हैं या शिकायत केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह जाती है।







