श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी इस वर्ष 29 जुलाई, मंगलवार को मनाई जाएगी। हिंदू परंपरा में नागों को न केवल भगवान शिव के प्रमुख सेवक के रूप में देखा जाता है, बल्कि उन्हें धरती के अंदर के ऊर्जा चक्र का संरक्षक भी माना गया है। इस दिन नाग देवता की पूजा कर व्यक्ति जीवन में आने वाली अनेक बाधाओं से मुक्ति पा सकता है।
घर पर ही कर सकते हैं नाग पूजा
नाग पंचमी की पूजा घर में आसानी से की जा सकती है। इसके लिए विशेष सामग्रियों या मंदिर जाने की आवश्यकता नहीं होती। एक स्वच्छ स्थान पर नाग देवता का चित्र या प्रतीक बनाकर विधिपूर्वक पूजा करें और धूप-दीप अर्पित करें। पूजा के दौरान निम्न मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है:
ॐ नमो नागदेवाय
ॐ अनन्ताय नमः
इन मंत्रों के जाप से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दोषों का शमन होता है।
किन दोषों से मिलती है शांति?
नाग पंचमी पर पूजा करने से विशेष रूप से तीन प्रकार के ग्रह दोषों में राहत मिल सकती है:
कालसर्प दोष: जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाएं, तो यह दोष बनता है, जिससे जीवन में बार-बार बाधाएं आती हैं।
सर्प दोष: यह आमतौर पर पूर्वजों या पूर्व जन्म के अधूरे कर्मों और जिम्मेदारियों से जुड़ा माना जाता है।
पितृ दोष: इससे पारिवारिक अशांति, संतान सुख में बाधा और आर्थिक परेशानियाँ उत्पन्न होती हैं।
कहा जाता है कि नाग पंचमी के दिन विधिवत पूजा करने से इन दोषों का प्रभाव कम हो जाता है और जीवन में शांति, समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।









