दिल्ली सरकार ने दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राजधानी के सभी मेडिकल स्टोरों पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला खासकर डुअल यूज ड्रग्स पर निगरानी के लिए लिया गया है — ऐसी दवाएं जो चिकित्सा के साथ-साथ औद्योगिक उद्देश्यों में भी इस्तेमाल होती हैं।
क्या हैं डुअल यूज ड्रग्स?
डुअल यूज ड्रग्स वे दवाएं हैं, जिनका उपयोग न केवल मरीजों के इलाज में, बल्कि कपड़ा, रसायन, खाद्य उत्पादन जैसे उद्योगों में भी होता है। इन दवाओं में हेराफेरी या गैर-चिकित्सीय उपयोग की आशंका अधिक होती है, इसलिए इनके नियंत्रण पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।
डॉक्टर की पर्ची के बिना बिक्री पर रोक
हाल ही में हुई राज्य स्तरीय नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन बैठक (NCORD) में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने RMP (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) के पर्चे के बिना शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी की दवाओं की बिक्री को रोकने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सुझाव दिया गया कि मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी बढ़ाने के लिए CCTV कैमरे बेहद जरूरी हैं।
कैमरे लगाने को लेकर नोटिस जारी
स्वास्थ्य विभाग ने ऑल केमिस्ट एसोसिएशन दिल्ली और रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि जुलाई के अंत तक सभी दवा दुकानों में कैमरे लगाए जाएं। इन कैमरों के जरिए डॉक्टर की पर्ची के बिना की जाने वाली किसी भी संदिग्ध बिक्री पर नजर रखी जा सकेगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राजधानी में नशे की आदत, ड्रग माफिया की गतिविधियों और अवैध वितरण पर रोक लगाने में सहायक होगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करेगा कि उच्च श्रेणी की संवेदनशील दवाओं का उपयोग केवल उचित चिकित्सकीय सलाह पर ही हो।









