सारंगढ़ संवाददाता अशोक मनहर
‘कोतरी फाल्ट’ का झूठा बहाना बना रही बिजली विभाग
(सरसींवा)= सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला सरसींवा तहसील अंतर्गत आने वाले गाँवों — चकरदा, मधाईभाठा, मोहतरा और बालपुर — के हजारों ग्रामीण इन दिनों बालपुर सब स्टेशन की लापरवाही के चलते भारी संकट का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में अघोषित और अनियमित बिजली कटौती अब रोज़मर्रा की समस्या बन चुकी है।
बिना सूचना बिजली कटौती, जनता बेहाल
गांवों में प्रतिदिन बिजली गुल होती रहती है, वो भी बिना किसी पूर्व सूचना के। इस अघोषित कटौती ने बच्चों की पढ़ाई, किसानों की सिंचाई, घर की रोजमर्रा की जरूरतें और दुकानदारों के व्यापार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
गर्मी के इस मौसम में, बिजली न होने से पंखे, कूलर और पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बीमारों और छोटे बच्चों को हो रही है।
‘कोतरी से फाल्ट’ – हर बार वही बहाना!
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी बिजली गुल होने की शिकायत की जाती है, तो बिजली विभाग द्वारा हर बार ‘कोतरी से फाल्ट’ का जवाब दिया जाता है।
मगर स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पूरी तरह से झूठ है। कोतरी लाइन में कोई फाल्ट नहीं होता, बल्कि यह बहाना केवल जवाब देने और जिम्मेदारी से बचने के लिए गढ़ा गया है।
इस तरह की गलत सूचनाएं न केवल ग्रामीणों के साथ धोखा हैं, बल्कि यह विभागीय लापरवाही और जवाबदेही की कमी को भी उजागर करती हैं।
जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
गाँव के जागरूक नागरिकों और युवाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, और झूठे बहानेबाज़ी बंद नहीं हुई, तो वे प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव, चक्का जाम और धरना प्रदर्शन जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की मांगें
1. बालपुर सब स्टेशन की कार्यप्रणाली की जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
2. बिजली कटौती से पहले ग्रामीणों को पूर्व सूचना दी जाए।
3. ‘कोतरी फाल्ट’ जैसे झूठे बहानों की जवाबदेही तय की जाए।
4. गाँवों में निर्बाध और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की चुप्पी, सवालों के घेरे में व्यवस्था
अब तक प्रशासन या बिजली विभाग की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट बयान या समाधान सामने नहीं आया है। लोगों को उम्मीद है कि अब मीडिया में मामला उठने के बाद प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई करेगा।









