युसूफ खान/शंकरगढ़/बलरामपुर।
तहसील शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्राम कस्मार (कृष्णनगर) में घनी आबादी के बीच संचालित ब्रॉयलर पोल्ट्री फार्म को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) शंकरगढ़ को आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आबादी क्षेत्र के बीच संचालित इस फार्म से आमजन के स्वास्थ्य, पर्यावरण और दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। कई लोगों ने सांस लेने में परेशानी, बदबू और अस्वच्छ वातावरण की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि फार्म के कारण मक्खियों और मच्छरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाला कचरा खुले में फेंका जा रहा है, जिससे आसपास की नालियां जाम हो रही हैं तथा कुएं और भू-जल स्रोत प्रदूषित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह स्थिति जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फार्म में लगातार होने वाले शोर-शराबे से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रात के समय भी शोरगुल के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों की समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के बीच इस तरह पोल्ट्री फार्म का संचालन पूरी तरह अनुचित है जो शासकीय भूमि पर संचालित है। इससे पूरे मोहल्ले का वातावरण दूषित हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशासन जल्द से जल्द इसे आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्य स्थान पर स्थानांतरित करे, अन्यथा क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
एसडीएम ने कहा
इस मामले में जब शंकरगढ़ एसडीएम अनमोल टोप्पो से फोन पर चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम एवं वेटरनरी टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि संचालित पोल्ट्री फार्म निजी भूमि पर है या शासकीय भूमि पर। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों को शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लोगों की नजर अब प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।








