नाथिया नवागांव (कांकेर) | 14 अप्रैल 2026
”नारी पढ़ेगी, तभी तो विकास गड़ेगी” के प्रेरणादायी संदेश के साथ आज नाथिया नवागांव में संत शिरोमणि श्री नंदा सेन जी महाराज की 726वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। चंदापारी सेन समाज ग्रामीण परिक्षेत्र नवागांव द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए, ग्रामीण महिलाओं को ही कार्यक्रम के मुख्य मंच पर बतौर अतिथि स्थान दिया गया।

प्रमुख अतिथि और गरिमामय उपस्थिति
महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए कार्यक्रम में श्रीमती हिरमोतिन बाई सेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती बिरजा बाई सेन उपस्थित रहीं।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई:
विशेष अतिथि: श्री प्रभुराम शांडिल्य (अध्यक्ष, ग्रामीण जिला सेन समाज, कांकेर)
विशेष अतिथि गण: श्री कत्था राम सेन, श्री लखन लाल शांडिल्य एवं श्री महेंद्र शांडिल्य।
अध्यक्षता: कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मोहन लाल शांडिल्य (अध्यक्ष, ग्रामीण चंदापारी सेन समाज परिक्षेत्र नाथिया नवागांव) द्वारा की गई।
समाज के विकास पर मंथन
कार्यक्रम में चंदापारी परिक्षेत्र के लगभग 80 परिवारों के 200 से अधिक स्वजातीय बंधु शामिल हुए। जयंती के अवसर पर संत नंदा सेन जी महाराज की पूजा-अर्चना के पश्चात विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में श्री प्रभुराम शांडिल्य (अध्यक्ष, ग्रामीण जिला सेन समाज, कांकेर) उपस्थित रहे। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के कार्यों और योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अध्यक्षता और संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मोहन लाल शांडिल्य जी (अध्यक्ष, ग्रामीण चंदा पारी सेन समाज परिक्षेत्र नाथिया नवागांव) द्वारा की गई। मंच का कुशल संचालन श्री बेद राम सेन जी ने किया।
रक्तदाताओं और युवाओं का सम्मान
समाज के लिए मिसाल पेश करने वाले रक्तदाताओं का विशेष सम्मान किया गया:
श्री अखिलेश सेन (कोहकामेटा): 44 बार रक्तदान।
श्री खिलेश कुमार सेन: 12 बार रक्तदान।
युवा वक्ता के रूप में श्री संदीप कुमार सेन (व्याख्याता) ने संत नंदा सेन जी के जीवन और समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला, जिससे युवा पीढ़ी को अपने महापुरुषों के बारे में जानने का अवसर मिला।
”समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब हमारी बेटियां और महिलाएं शिक्षित हों। आज का यह आयोजन महिलाओं के सम्मान और समाज की एकजुटता का प्रतीक है।”
— वक्ताओं के संबोधन का सारांश
धूमधाम से संपन्न हुआ आयोजन
उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा और एकता पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल रहा और समाज के लोगों ने नाच-गाकर और मंगल गान के साथ अपने आराध्य संत की जयंती मनाई।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष श्री मोहन लाल शांडिल्य ने सफल आयोजन के लिए सभी ग्रामवासियों और समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सभी के लिए नाश्ता पानी और भरपेट भोजन की व्यवस्था थी…








