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स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर उभरा जनआक्रोश — छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना व जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने उठाई मजबूत आवाज

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संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

जांजगीर चांपा
जिले में लगातार उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अब सामाजिक संगठनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यह स्पष्ट कर दिया है कि अब स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि जांजगीर-चांपा जैसे बड़े जिले में आज भी कई आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसका खामियाजा सीधे आम जनता—खासकर गरीब और ग्रामीण वर्ग—को भुगतना पड़ रहा है।
जांच सुविधाओं की कमी बनी बड़ी समस्या
संगठनों ने अपने ज्ञापन में बताया कि जिला अस्पताल में सीटी स्कैन (CT Scan), एमआरआई (MRI), सिकल सेल (Sickle Cell) और विटामिन बी-3 जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं का अभाव है।

इन सुविधाओं के नहीं होने से मरीजों को मजबूरी में रायपुर, बिलासपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि कई बार इलाज में देरी होने से मरीजों की स्थिति गंभीर भी हो जाती है।
गरीब और ग्रामीण मरीज सबसे अधिक प्रभावित
ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
यात्रा खर्च
जांच का अतिरिक्त खर्च
समय की बर्बादी
इन सबके कारण कई मरीज समय पर जांच नहीं करा पाते, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

संगठनों की प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं—
जिला अस्पताल में CT Scan की सुविधा तत्काल शुरू की जाए
सिकल सेल जांच की नियमित व्यवस्था की जाए
विटामिन बी-3 जांच उपलब्ध कराई जाए
MRI जांच सुविधा जिला स्तर पर शुरू की जाए
संगठनों का कहना है कि ये सुविधाएं शुरू होने से हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और गंभीर बीमारियों का समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह मुद्दा केवल सुविधाओं की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जिला स्तर पर बुनियादी जांच सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है।

जनहित में जल्द कार्रवाई की मांग
अंत में संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए इन सुविधाओं को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
जांजगीर-चांपा में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी अब एक बड़ा जन मुद्दा बनती जा रही है। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन को कितनी गंभीरता से लेता है और जिले की जनता को कब तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाती हैं।

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