सारंगढ़ संवाददाता अशोक मनहर
सारंगढ़-बिलाईगढ़:- जिले के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे द्वारा कृषि विभाग के कार्यालय में हुई मारपीट की घटना पर जिस तत्परता और गंभीरता से संज्ञान लिया गया है, उससे प्रशासनिक व्यवस्था में आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ है। कलेक्टर ने न केवल मामले को गंभीरता से लिया बल्कि तुरंत उप संचालक कृषि (डीडीए) को 4 बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर की कार्यशैली एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों पर त्वरित कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इससे यह साफ हो गया है कि जिले में कानून व्यवस्था और शासकीय कार्यालयों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।वहीं मारपीट जैसी गंभीर और निंदनीय घटना में शामिल आरईओ प्रवीण पटेल के खिलाफ कलेक्टर द्वारा सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करना एक सराहनीय कदम है। शासकीय सेवा में रहते हुए इस प्रकार का आचरण न केवल अनुशासनहीनता दर्शाता है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की छवि को भी धूमिल करता है। ऐसे कृत्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
कलेक्टर द्वारा 3 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश यह दर्शाता है कि प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कलेक्टर डॉ. कन्नौजे की यह सक्रियता और कठोर निर्णय क्षमता प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों को भी यह संदेश देती है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और मर्यादा के साथ करें।








