गर्मियों में दादी नानी और मां अचार का मसाला तैयार करती थीं और उससे आम का, मिर्च का और नींबू का अचार बनाकर तैयार करती थीं। ये सीजन आम का अचार डालने के लिए परफेक्ट होता है। इन दिनों बाजार में कच्चे आम मिलने लगे हैं। कच्चे आम से आप स्वादिष्ट अचार बना सकते हैं। जिसे पूरे साल आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। आज हम आपको अचार डालने की रेसिपी और अचार का मसाला बनाना भी बताएंगे। आप इस तरह अचार डालकर खाएंगे तो वही दादी नानी के हाथ वाला अचार का स्वाद मिलेगा। फटाफट नोट कर लें आम के अचार की आसान रेसिपी।
आम के अचार का मसाला
आम के अचार का मसाला तैयार करने के लिए आपको 2 टेबल स्पून मेथी, 4 टेबल स्पून मोटी सौंफ, 4 टेबल स्पून पीली सरसों और 1 छोटी चम्मच जीरा लेकर पैन में मीडियम फ्लेम पर हल्का भून लें। रंग नहीं बदलना बस नमी दूर करनी है। पीली सरसों की जगह काली सरसों भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब सारे मसालों को ठंडा होने के बाद दरदरा पीस लें। इसमें 1 टेबल स्पून हल्दी पाउडर, 2 टेबल स्पून नमक, 2 टेबल स्पून कश्मीरी लाल मिर्च, 1 छोटी चम्मच अजवाइन, 1 छोटी चम्मच कलौंजी, आधी चम्मच हींग मिला दें।
आम के अचार की रेसिपी
पहला स्टेप- अचार बनाने के लिए 1 किलो कच्चे गूदेजार मोटे आम ले लें। अब आम को अच्छी तरह धोकर पानी में 7-8 घंटे के लिए भिगो दें। आम के आगे का सिरा हटाकर छिलका समेत अपने हिसाब से आम को काट लें। गुठली को निकाल दें। अचार के लिए आम को मीडियम साइज में काटना अच्छा होगा।
दूसरा स्टेप- अब एक ट्रे पर कपड़ा बिछा लें और उस पर कटे हुए आम को फैलाकर डाल दें। अब आम को धूप में रख दें और पूरे 1 दिन अच्छी धूप में ही रखें। इससे आम की नमी निकल जाएगी। इससे आम का अचार खराब नहीं होगा। अब आम में 2 चम्मच नमक और 1 चम्मच हल्दी पाउडर डाल दें। इससे आम फिर से नरम हो जाएंगे। नमक हल्दी लगाकर आम को 1 दिन के लिए ऐसे ही रख दें।
तीसरा स्टेप-अब अचार के बाउल में सारे मसाले डाल दें। अब इसमें 1 कप सरसों का तेल बिना गर्म किए डालें। अचार को दिन में एक बार चला दें। आप इसे तुरंत ही कंटेनर में भरकर रख सकते हैं। हम अचार को 3 दिन के बाद एक कांच के सूखे कंटेनर में भर रहे हैं। अचार के बर्तन या चमचे में जरा भी नमी नहीं होनी चाहिए। इससे अचार बिल्कुल भी खराब नहीं होगा।
टिप्स- अचार को सालों साल खराब होने से बचाने के लिए आप इसमें 2 चम्मच सिरका डाल दें। आप कोई भी सिरका उपयोग कर सकते हैं। सिरका नहीं डालना तो अचार में थोड़ा तेल बढ़ा सकते हैं।








