सावधान हो जाइए ! गर्मी अब खुली चेतावनी बन चुकी है। कई जगह तापमान 43 डिग्री के पार जा चुका है। हाल ये है कि दुनिया के 20 सबसे गर्म शहरों में 19 भारत के हैं और मौसम विभाग ने साफ कहा है पारा अभी और चढ़ेगा। मतलब धूप तेज, हवा गर्म होगी और यही गर्म हवा लू बनकर जल्दी शरीर का सिस्टम बिगाड़ने वाली है। हां लेकिन कहानी इतनी भर नहीं है। ध्यान से सुनिएगा खतरा सिर्फ बाहर की लू नहीं है। एक लू बाहर चल रही है और दूसरी लोग खुद से शरीर के अंदर उतार रहे हैं।
यही नहीं ऐसे ड्रिंक्स दांत, हड्डियां, एसिडिटी, लिवर और किडनी तक को नुकसान पहुंचाते हैं और गर्मी में तो सबसे बड़ा धोखा ये है कि ठंडी लगने वाली ड्रिंक भी डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती है। यानि बाहर से लू, अंदर से गलत ड्रिंक, नतीजा सेहत पर डबल अटैक और इन सब में एक बात जो सबसे अहम है, वो ये कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कैफीन वाले ड्रिंक्स रेगुलर देना बिल्कुल ठीक नहीं। उनके दिमाग, हड्डियों और मांसपेशियों के विकास पर असर पड़ता है। मतलब ये की एनर्जी देने का दावा करने वाली ड्रिंक्स असल मे पूरी ताकत खीच लेती है और ये मैं खासतौर से Gen Z को समझने की जरूरत है। सही मायने मे cool दिखना है तो समझदारी इसी में है कि प्यास लगने पर पानी, नींबू-पानी, छाछ, सत्तू, नारियल पानी चुनिए। क्योंकि गर्मी में असली एनर्जी बोतल की गैस से नहीं, सही हाइड्रेशन से मिलती है।
कोल्ड ड्रिंक से नुकसान
- मोटापा बढ़ता है
- फैटी लिवर का खतरा
- किडनी प्रॉब्लम
- हाई बीपी की समस्या
- हार्ट प्रॉब्लम
- डिमेंशिया का रिस्क








