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गांव की पहल बनी मिसाल: सार्वजनिक स्थलों पर शराब प्रतिबंध, नशा मुक्ति के लिए ग्राम पंचायत का सख्त निर्णय

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रिपोर्ट- खिलेश साहू
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत नवागांव ग्राम पंचायत ने नशा मुक्ति की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है। युवा सरपंच टिकेश साहू की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम बैठक में यह संकल्प लिया गया कि गांव को स्वच्छ, सुंदर और नशा मुक्त बनाया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि चौक-चौराहों, सड़क किनारे और अन्य खुले सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना पूरी तरह वर्जित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ग्राम पंचायत द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंचायत का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन से न केवल स्वच्छता प्रभावित होती है, बल्कि सामाजिक मर्यादा और युवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
सरपंच टिकेश साहू ने कहा कि स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताई कि शराब सेवन एक सामाजिक चलन का रूप लेता जा रहा है—सुख-दुख, सामाजिक-धार्मिक आयोजनों और बैठकों तक में इसका प्रभाव दिखाई देता है, जिसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति और पहचान यह नहीं है कि नशा घर-घर तक पहुंच जाए। सुबह घर से निकलते समय सड़क किनारे और चौक-चौराहों पर शराब की खाली बोतलें और नशे के दृश्य दिखना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।” ग्रामवासियों ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए नशा मुक्त नवागांव के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी पहलें अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू हों, तो ग्रामीण स्तर पर नशा मुक्ति अभियान को व्यापक गति मिल सकती है और स्वच्छ, अनुशासित सामाजिक वातावरण का निर्माण संभव है।

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