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रायपुर में इंसानियत शर्मसार: बिरगांव के बड़े तरिया इलाके की नाली में मिला छह माह का भ्रूण, इलाके में फैली सनसनी

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रघुराज –

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल मां की ममता को कलंकित किया है बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिरगांव इलाके में आज सुबह एक नवजात भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया। यह हृदयविदारक घटना बिरगांव के बड़े तरिया के पास स्थित एक नाली की है, जहां लगभग छह से सात महीने का विकसित भ्रूण लावारिस हालत में पड़ा मिला।

घटना की जानकारी तब हुई जब सुबह-सुबह लोग अपने घरों से टहलने और काम पर जाने के लिए निकले थे। बड़े तरिया के पास स्थित नाली में कुछ लोगों को संदिग्ध चीज दिखाई दी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। नाली के गंदे पानी के बीच एक अजन्मे बच्चे का शरीर पड़ा हुआ था। यह दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना उरला थाना पुलिस को दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भ्रूण पूरी तरह से विकसित नजर आ रहा था और उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि किसी ने लोक-लाज या अन्य किसी कारण से उसे वहां फेंक दिया है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कृत्य को किसने और किस समय अंजाम दिया। साथ ही इलाके के अस्पतालों और नर्सिंग होम से भी पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं ताकि उन गर्भवती महिलाओं का पता लगाया जा सके जिन्होंने हाल ही में इलाज कराया हो।

इस घटना ने पूरे बिरगांव इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। मौके पर मौजूद नागरिकों का कहना है कि समाज में बढ़ती इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। एक तरफ जहां लोग संतान प्राप्ति के लिए दर-दर की ठोकरें खाते हैं, वहीं दूसरी तरफ कोई अपनी ही कोख के अंश को इस तरह नाली में फेंक कर चला गया। यह कृत्य न केवल कानूनी अपराध है बल्कि नैतिकता की दृष्टि से भी अक्षम्य है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता चल सके।

रायपुर जैसे बड़े और विकसित शहर में इस तरह की अमानवीय घटनाओं का होना सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। उरला पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह मामला अवैध संबंधों या कन्या भ्रूण हत्या से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

बिरगांव के बड़े तरिया के पास नाली में मिला यह भ्रूण उस समाज की कड़वी सच्चाई को बयां कर रहा है जहां आज भी कई मासूमों को दुनिया देखने से पहले ही मौत के घाट उतार दिया जाता है। इस घटना के बाद से पूरे रायपुर में इस बात की चर्चा है कि आखिर किस मजबूरी या निर्दयता ने एक मां को इतना कठोर बना दिया कि उसने अपने कलेजे के टुकड़े को गंदी नाली के हवाले कर दिया।

फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी या सुराग हो, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि अपराधी तक पहुंचा जा सके। यह खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस शर्मनाक करतूत की कड़ी निंदा कर रहे हैं। प्रशासन की सक्रियता और जनता के सहयोग से ही ऐसी घटनाओं को रोकने में सफलता मिल सकती है।

आज की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी मानवीय संवेदनाओं को कहीं पीछे छोड़ते जा रहे हैं। क्या हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां जीवन का कोई मूल्य नहीं रह गया है? बिरगांव की यह नाली सिर्फ एक भ्रूण नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक नैतिकता के पतन की गवाही दे रही है।

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