आरंग संवाददाता – सोमन साहू
आरंग/ धर्मनगरी आरंग के अग्रसेन चौक स्थित सरस्वती ज्ञानदीप विद्यालय परिसर में योगी परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की इस पावन त्रिवेणी में गोता लगाने के लिए बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता कथा स्थल पर पहुंच रही है।
आयोजन के प्रथम दिन गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदी पूजन संपन्न हुआ। प्रथम दिन की कथा में भक्तों ने ‘गोकर्ण उपाख्यान’ का श्रवण कर भागवत महात्म्य को समझा।
कथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत “श्री हरि राधे-राधे” के मधुर भजनों और संकीर्तन के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भरेगांव (राजनांदगांव) से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास आचार्य पंडित मनोज दुबे जी महाराज ने व्यासपीठ से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि कलियुग के दोषों को हरने वाली श्रीहरि की यह कथा ज्ञान भक्ति और वैराग्य का संगम है तथा भक्ति मार्ग का सबसे सुंदर सहज और सरल मार्ग है उन्होंने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे है इसलिए निर्मल मन से उन्हें पुकारे।
द्वितीय दिवस की कथा को आगे बढ़ाते हुए आचार्यश्री दुबे ने राजा परीक्षित जन्म, भगवान वराह अवतार और परम भक्त ध्रुव के पावन चरित्र का अत्यंत मार्मिक और जीवंत वर्णन किया। ध्रुव की अनन्य भक्ति और उनके दृढ़ संकल्प की कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
इस महायज्ञ के परायणकर्ता कवर्धा से पधारे आचार्य पंडित दीपेश्वर पांडे जी हैं, जिनके सानिध्य में अनुष्ठान संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य यजमान व आयोजक परिवार के सदस्य—अनुपनाथ योगी, यशोदा योगी, खिलेंद्रनाथ योगी, हेमलता योगी, उमेशनाथ योगी, सुमनलता योगी, वीरेंद्र नाथ योगी, गीतांजलि योगी,जगन्नाथ योगी,भगवती योगी, सुरेंद्रनाथ योगी, अंजू योगी और कोकिला योगी,हेमेंद्रनाथ योगी,रानू योगी,जयप्रकाश योगी,अजय नाथ योगी सहित पूरे योगी परिवार व क्षेत्र के श्रद्धालु श्रोताओं की सराहनीय सहभागिता और गरिमामयी उपस्थिति रही।








