बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
धर्ममय रहा पूरे बस्तर जिले का वातावरण
जगदलपुर। बस्तर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वट सावित्री व्रत श्रद्धा, विश्वास और भारतीय संस्कृति के उत्सव के रूप में मनाया गया। पल्लीभाटा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में सुहागिन महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
सुबह से ही वट वृक्षों और मंदिर परिसरों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार में सजी महिलाओं ने पूजा की थालियों के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा की तथा रक्षा और सौभाग्य के प्रतीक धागे बांधे। इस दौरान महिलाओं ने सावित्री और सत्यवान की कथा का श्रवण कर वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पूजा स्थलों पर भजन, कीर्तन, मंत्रोच्चार और सामूहिक आराधना से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख शांति की मंगल कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प, तप और प्रेम के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी विश्वास और परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं हर वर्ष वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस पर्व ने बस्तर अंचल में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत की।








