बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बकावंड। विकासखंड बकावंड के पेट्रोल पंप संचालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। क्षेत्र में संचालित कई पेट्रोल पंपों में अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है। इसी लापरवाही के चलते तारापुर स्थित शुक्ला पेट्रोल पंप के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
मिली जानकारी के अनुसार बनियागांव निवासी कनिया सेठिया अपनी पल्सर मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने तारापुर के शुक्ला पेट्रोल पंप पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद वह जैसे ही अपने गांव की ओर निकले, पेट्रोल पंप से लगभग 20 मीटर दूर पहुंचते ही उनकी बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक धू-धू कर जलने लगी।
आग लगते ही कनिया सेठिया ने तत्काल बाइक से कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान उनके पैर में हल्की जलन आई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाइक काफी हद तक जल चुकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीण आग नहीं बुझाते, तो आग पेट्रोल पंप तक पहुंच सकती थी और बड़ा विस्फोट या गंभीर हादसा हो सकता था। गनीमत यह रही कि घटना के समय पेट्रोल पंप पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा स्थिति भयावह हो सकती थी।
घटना के बाद पेट्रोल पंप की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेट्रोल पंप में न तो फायर एक्सटिंग्विशर की समुचित व्यवस्था थी और न ही रेत से भरी बाल्टियां दिखाई दीं। जबकि पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन उपकरण अनिवार्य माने जाते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा व्यवस्था की कभी गंभीर जांच नहीं होती। लोगों ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन से पेट्रोल पंपों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराने की मांग की है।








