छत्तीसगढ़ राज्य के अधिवक्ताओं के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है जब माननीय नेता प्रतिपक्ष राजनीतिक बयानबाजी के बजाय अगर वास्तव में अंतरात्मा से अपने वक्तव्य के मुताबिक एडवोकेट सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण एडवोकेट प्रोटेक्शन लागू कराने हेतु विधानसभा में अपने सहयोगियों के आम सहमति के साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में पूरी ताकत के साथ समवेत स्वर में इसे पारित कराने उपक्रम करें तो निश्चित रूप से उन्हें सर्व वकील समुदाय इतिहास पुरुष पुकारेगा… इससे परे मात्र तत्कालीन घटना का विस्तृत विश्लेषण बिना राजनीतिक बयानबाजी सर्वत्र जारी है तब मात्र इस संदर्भ में प्रेस वक्तव्य के माध्यम से राजनीति डा चरण दास महंत जैसे चतुर सुजान व्यक्ति के मुख कतई उचित नहीं है…खासकर प्रथम दृष्टया जांच के बाद जब मामला पूर्णतः अवैध संबंधों और उद्दीपन की परिणिति नजर आ रहा है जिसमें एक किरदार हमारी अधिवक्ता बहन की जान चली गई जो निंदनीय होने के साथ हम सबके लिए सबक है कि नई पीढ़ी को विवाहेत्तर संबंध से बचना चाहिए क्योंकि आज भी हमारा भारतीय समाज इसे मान्यता नहीं देता भले ही हमारा सुप्रीम कोर्ट लीव इन रिलेशनशिप के साथ क्यों न हो ?
सर्वोच्च न्यायपालिका के इस राय पर यह प्रश्न चिन्ह भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को आत्मसात करने वाले भारतीयों ने पहले भी उठाए हैं, आज भी उठा रहे हैं तथा हमेशा उठते रहेंगे, परंतु समाज के वरिष्ठजनों को इस अंतहीन विवाद को लेकर गंभीर होना चाहिए तथा सुप्रीम कोर्ट के लिव इन रिलेशनशिप की धारणा पर सामाजिक चिंतन एवं विश्लेषण के आधार पर विधायिका के माध्यम से हस्तक्षेप वक्त की मांग है वरना हमारे परिवार और समाज इसी तरह तबाह होते चले जाएंगे।
आज एक बार शक्ति विधायक के रूप में सदन में हमारे प्रतिनिधि, जन जन के नेता विधान पुरुष डॉ चरण दास महंत से आग्रह है कि इन गंभीर सामाजिक मामलों में राजनीतिक बयानबाजी के बजाय यथार्थ में समुचित पहल करें तथा शीघ्र हम वकीलों की सुरक्षा हेतु बहु प्रतिक्षित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट आगामी विधानसभा सत्र में पारित कराने प्राण प्रण से उद्यम करेंगे…इन्हीं आशाओं और विश्वास के साथ…








