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वीआईपी सुरक्षा के बीच राजधानी में बेखौफ बदमाश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मॉर्निंग वॉक के दौरान लूट, पंडरी में भी युवक पर ब्लेड से हमला

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रघुराज/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में देश के गृहमंत्री की मौजूदगी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस के कड़े पहरे के बीच अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे हाई-प्रोफाइल नेताओं को भी निशाना बनाने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक का है, जो सुबह की सैर के दौरान लूट का शिकार हो गए। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

सुबह की सैर पर निकले नेता को बनाया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा के कद्दावर नेता धरमलाल कौशिक रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। शहर के एक प्रमुख मार्ग पर जब वे सैर कर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि बदमाश बेहद शातिर थे और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। वीआईपी जोन और रसूखदार इलाके में हुई इस वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। एक वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के साथ हुई इस घटना ने आम नागरिकों के मन में अपनी सुरक्षा को लेकर डर पैदा कर दिया है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में एक पूर्व संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति के साथ ऐसी वारदात हो सकती है, तो आम जनता का क्या होगा।

केंद्रीय गृहमंत्री शहर में, फिर भी पुलिस तंत्र पस्त
इस पूरी घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि वर्तमान में देश के केंद्रीय गृहमंत्री खुद रायपुर शहर के दौरे पर हैं। गृहमंत्री के आगमन को लेकर पूरे शहर को एक तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया था। हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल तैनात है, संदिग्धों की चेकिंग की जा रही है और खुफिया तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। इसके बावजूद, वीआईपी मूवमेंट के बीच अपराधियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।

विपक्ष और आम जनता अब सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठा रही है। गृहमंत्री के दौरे के समय पूरी पुलिस थैली उनकी सुरक्षा और प्रोटोकॉल में व्यस्त थी, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने इस दुस्साहिक वारदात को अंजाम दिया। यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि शहर की लोकल इंटेलिजेंस और बेसिक पुलिसिंग पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। अपराधियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।

दो दिन पहले पंडरी में युवक पर हुआ था जानलेवा हमला
रायपुर में अपराध का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार लूट, छिनैती और चाकूबाजी की खबरें सामने आ रही हैं। धरमलाल कौशिक के साथ हुई इस वारदात से ठीक परसों सुबह करीब 11 बजे, यानी दिनदहाड़े शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक इलाके पंडरी में भी एक ऐसी ही खौफनाक वारदात हुई थी।

पंडरी इलाके में एक युवक को अकेले पाकर कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने लूटपाट की नीयत से युवक पर धारदार ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दिन के उजाले में और भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात से वहां मौजूद लोग भी सहम गए। बदमाशों ने युवक को लहूलुहान कर दिया और उसके पास रखे पैसे व कीमती सामान लूटकर रफूचक्कर हो गए। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। परसों सुबह की इस घटना के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया, जिसका नतीजा आज सुबह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के साथ हुई लूट के रूप में सामने आया।

 कानून व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
राजधानी रायपुर में लगातार हो रही इन वारदातों ने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था की स्थिति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर नागरिक पुलिस प्रशासन से तीखे सवाल पूछ रहे हैं।

सवालों का सिलसिला कुछ इस प्रकार है:
* जब देश के गृहमंत्री शहर में हों, तब पुलिस का ध्यान आम अपराधों को रोकने पर क्यों नहीं था?
* पंडरी में दिनदहाड़े ब्लेड मारकर लूट की घटना के बाद पुलिस ने शहर में गश्त क्यों नहीं बढ़ाई?
* मॉर्निंग वॉक करने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
* क्या राजधानी अब अपराधियों का गढ़ बनती जा रही है, जहां जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब सुबह की सैर पर निकलना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। पहले लोग रात के समय बाहर निकलने से डरते थे, लेकिन अब तो सुबह और दोपहर में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

पुलिस का दावा: जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी
इधर, चौतरफा घिरी रायपुर पुलिस अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। धरमलाल कौशिक के साथ हुई घटना के बाद शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है। संदेहियों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि पंडरी वाली घटना के आरोपियों की तलाश के लिए भी टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, पुलिस के इन दावों से जनता संतुष्ट नहीं है। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल घटना होने के बाद लकीर पीटती है, जबकि अपराधों को रोकने के लिए कोई ठोस प्रिवेंटिव पुलिसिंग नहीं की जा रही है।

 राजनीतिक गलियारों में मंचा हड़कंप
भाजपा नेता धरमलाल कौशिक के साथ हुई इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी के तमाम छोटे-बड़े नेताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। नेताओं का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि रायपुर में अब कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों का बोलबाला होता जा रहा है।

अब देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है और अपराधियों पर कब तक नकेल कसी जाती है। लेकिन फिलहाल, इस घटना ने रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था की असली तस्वीर जनता के सामने लाकर रख दी है।

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