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प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े घोटाले का आरोप, बाराद्वार नगर पंचायत में 1.60 करोड़ की गड़बड़ी की आशंका

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सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर

नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, पटवारी और नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर आरोप

सक्ती जिले के नगर पंचायत बाराद्वार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि योजना के नाम पर आम लोगों से अवैध वसूली की जा रही है तथा पात्रता निर्धारण में भारी गड़बड़ी की गई है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृति दिलाने के नाम पर कथित रूप से प्रत्येक हितग्राही से 10 हजार रुपये अग्रिम तथा आवास स्वीकृत होने के बाद 10 हजार रुपये अतिरिक्त लेने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा खेल जनप्रतिनिधियों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित होने का आरोप लगाया जा रहा है।

पटवारी पर गंभीर आरोप

मामले में पटवारी रमेंद्र राठौर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने घास भूमि को आबादी भूमि दर्शाकर आवास योजना हेतु प्रकरण नगर पंचायत को अग्रेषित किया। इतना ही नहीं, एक ही खसरा नंबर को कई लोगों के नाम पर दर्ज करने तथा बिना चौहद्दी और बिना खसरा नंबर के ही दस्तावेजों में हस्ताक्षर करने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं।

बताया जा रहा है कि जांच में कई ऐसे आवेदन सामने आए हैं जिनमें भूमि संबंधी जानकारी अधूरी है, फिर भी उन्हें आगे बढ़ा दिया गया। इससे पूरे आवास चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये की गड़बड़ी की आशंका

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता हुई है और यह मामला लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नगर पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ा भ्रष्टाचार माना जाएगा।

पत्रकार ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद एक स्थानीय पत्रकार ने सक्ती कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में पटवारी, नगर पंचायत कर्मचारियों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष ने भी इस पूरे मामले में प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास जैसी जनकल्याणकारी योजना में गरीबों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी।

जांच की मांग तेज

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी आवास प्रकरणों की जांच कर वास्तविक हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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