Home चर्चा में दिलीप सिंह जूदेव की राह पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा

दिलीप सिंह जूदेव की राह पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा

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-धर्मांतरण के खिलाफ बिगुल फूंका भावना ने =

-575 आदिवासियों की करा चुकी हैं घर वापसी =

-फिर 6 गांवों के 200 लोग लौटे मूल धर्म में =

अर्जुन झा/पंडरिया। जशपुर के प्रखर हिंदूवादी नेता दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव ने जिस तरह धर्मांतरण के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल रखा था। अब उसी राह पर पंडरिया क्षेत्र की भाजपा विधायक भावना बोहरा भी चल पड़ी हैं। श्रीमती बोहरा अब तक अपने क्षेत्र के धर्मांतरित हो चुके 575 आदिवासियों की मूल धर्म में वापसी करा चुकी हैं। गत दिवस 200 आदिवासी फिर अपनी जड़ों से जुड़े। विधायक भावना बोहरा ने उनके पांव पखार कर उन्हें फिर से उनके मूल धर्म से जोड़ा।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जैसा नाम वैसा कर्म। दिल में जनता, धर्म, संस्कृति और जनसेवा के प्रति समर्पण भावना, सौम्य एवं शालीन व्यवहार। यही श्रीमती बोहरा की खासियत है। जिस तरह दिवंगत हिंदूवादी ने नेता दिलीप सिंह जूदेव ने धर्मांतरित हो चुके आदिवासी हिदुओं की मूल धर्म में वापसी के लिए मुहिम छेड़ रखी थी, उसी नक्शे कदम पर विधायक भावना बोहरा भी चल रही हैं। उनके प्रयास क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहे हैं, धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार करते हुए भावना बोहरा ने पास्टर सहित वनांचल क्षेत्र के 6 गांवों के 200 लोगों की मूल धर्म में वापसी कराई।पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम पिपरहा, छिरहा और कुल्हीडोंगरी में अब धर्म सभाएं नहीं होंगी। अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों की मंशा पर कड़ा प्रहार किया गया है।

ग्राम बूचीपारा में इन गांवों में धर्म सभा लगाने वाले पास्टर सहित 6 गांवों के 200 लोगों ने अपने मूल धर्म में घर वापसी की। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्रों में विकास, सांस्कृतिक जागरण और जनजागरण के प्रयास लगातार नई दिशा दे रहे हैं। वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, छात्रावास, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था के संरक्षण हेतु भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र आज धर्मांतरण के खिलाफ सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की मजबूत मिसाल बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बूचीपारा में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक गौरव सम्मलेन एवं अभिनंदन समारोह में वनांचल क्षेत्रों में धर्मसभा का आयोजन करने वाले पास्टर सहित ग्राम छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा के 200 आदिवासी परिवारों के सदस्य अपने मूल धर्म में घर वापसी करते हुए अपनी संस्कृति, सभ्यता और स्वाभिमान की जड़ों से जुड़ गए ।

पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विधायक भावना बोहरा ने जनजातीय समाज के लोगों का अभिनंदन एवं स्वागत करने के बाद उनके पांव पखार कर उनके मूल धर्म में वापसी कराई। विदित हो कि इससे पूर्व पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्र नेऊर के आसपास के गांवों से 115, कुई- कुकदुर क्षेत्र से 70, ग्राम दमगढ़ में 50 एवं ग्राम कुल्हीडोंगरी में 140 आदिवासी ग्रामीण घर वापसी कर चुके हैं। इस तरह अब तक पंडरिया क्षेत्र के आदिवासी समाज के 575 से लोग अपने मूल धर्म में वापस आ चुके हैं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व और भाजपा सरकार की विकास नीतियों से प्रभावित होकर आदिवासी समाज अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से पुनः जुड़ने के लिए आगे आ रहा है। इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की पहचान केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण से भी हो रही है।

वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया गया, जिससे आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का काम हुआ। लेकिन अब समाज जागरूक हो रहा है और अपनी संस्कृति एवं मूल आस्था की ओर लौट रहा है। भाजपा सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास और सांस्कृतिक चेतना दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। वनांचल क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, छात्रावास, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ने से आदिवासी समाज का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है। यही कारण है कि अब लोग किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं से पुनः जुड़ने का संकल्प ले रहे हैं। यह उन लोगों की नकारात्मक मंशा और अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों पर कड़ा प्रहार है, जो हमारे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों की सांस्कृतिक पहचान को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।विधायक भावना बोहरा ने कहा कि बूचीपारा में 200 आदिवासी भाई-बहनों की यह घर वापसी केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान, सामाजिक एकता और अपनी पहचान को बचाने का अभियान है।

यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने वाला है। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण लगातार जारी रहेगा और समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा एवं आस्था से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विगत वर्षों में डबल इंजन भाजपा सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन वनांचल क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, योजनाओं का सतत क्रियान्वयन और उसका लाभ मिलने से यहाँ निवासरत जनजाति परिवारों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आया है। विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत जनजाति परिवारों से निरंतर संवाद, जनसंपर्क, विकास कार्यों की पारदर्शी क्रियान्वयन प्रक्रिया और विश्वास निर्माण के प्रयासों ने सकारात्मक वातावरण निर्मित किया और आज निरंतर वे पुनः अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहें हैं और अपने मूल धर्म में वापसी कर रहें हैं।

कमजोर नहीं होने देंगे विरासत: भावना
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं, लोकसंस्कृति और धार्मिक मान्यताएं हमारी सबसे बड़ी विरासत हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। धर्मांतरण केवल व्यक्ति के धर्म बदलने का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को प्रभावित करने का प्रयास भी है। पंडरिया विधानसभा में हम विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक जनजागरण का व्यापक अभियान चला रहे हैं। जब समाज शिक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी बनता है, तब वह अपनी जड़ों और अपनी पहचान को समझता है। आज वनांचल क्षेत्र का आदिवासी समाज पुनः अपनी संस्कृति और परंपरा की ओर लौट रहा है, यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सकारात्मक संदेश है। वर्तमान में वनांचल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचने से यहाँ निवासरत जनजातीय परिवारों के लोगों में उम्मीद की नई किरण जागी है और अब वे किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और आस्था के संरक्षण के लिए स्वयं आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में भी पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक जनजागरण और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

बोहरा की पहल सराहनीय: लूनिया
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी हरीश लूनिया ने भी संबोधित करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित करने में श्रीमती बोहरा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहi हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा लगातार पंडरिया विधानसभा क्षेत्र व विशेषकर वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसेवा के कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं को प्रोत्साहन जैसे हर क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करते हुए एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। समाज प्रमुख पंचराम धुर्वे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि आदिवासी समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति व सभ्यता के संरक्षण के लिए जागरूक व संगठित है। कार्यक्रम में प्रेम सिंह टेकाम ने मंच संचालन किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, जनपद अध्यक्ष नंदिनी साहू, उपाध्यक्ष छत्रकिशोर तिवारी, रुपेश जैन, कल्याण सिंह, नवल पांडेय, चंद्रू सोनी, शिव कुमार चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष रविश ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, हरीश जैन, महेंद्र धृतलहरे, प्रदीप पुरी गोस्वामी, रतिराम भट्ट, बालमुकुंद चंद्रवंशी, भगवन धुर्वे, दिनेश गुप्ता, मनोज ठाकुर, विष्णु चंद्रवंशी, स्वतंत्र तिवारी, अंजू शर्मा, हीरालाल चेलसे, विक्की तिवारी, थानेश्वर जायसवाल, रविशंकर चंद्रवंशी, रामू पांडेय, रामअवतार साहू, मनहरण साहू, तिलक सेन, राज कुमार नेताम सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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