कुसमुंडा संवाददाता – गुरदीप सिंह
कुसमुंडा/कोरबा। एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। खदान क्षेत्र में कार्य के दौरान 60 टन वजनी डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे डंपर ऑपरेटर घायल हो गया। हादसे के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल ऑपरेटर को तत्काल वाहन से बाहर निकालकर उपचार के लिए विकास नगर औषधालय अस्पताल पहुंचाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार डंपर ऑपरेटर राघवेंद्र कोयला फेस में डंपिंग कार्य के लिए गया हुआ था। इसी दौरान कोयला फेस की मिट्टी और सतह अचानक धंसने लगी, जिससे भारी वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते 60 टन वजनी डंपर फिसलते हुए नीचे जा गिरा और अनियंत्रित होकर पलट गया। हालांकि पलटने के बाद वाहन वापस सीधा हो गया, लेकिन हादसे में ऑपरेटर को चोटें आई हैं।\
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही देखने को मिली। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर डंपिंग कराई जा रही थी, वहां सुरक्षा जांच और स्थिरता का पर्याप्त निरीक्षण नहीं किया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि खदान में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हादसे के बाद साथी कर्मचारियों और अधिकारियों की मदद से घायल ऑपरेटर को डंपर से बाहर निकाला गया और तत्काल विकास नगर औषधालय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद एक बार फिर खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।








