सोमन साहू/आरंग। पावन पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर आरंग की ऐतिहासिक एवं पुण्यधरा श्री बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित सप्त दिवसीय श्री रामचरितमानस महायज्ञ के पंचम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञशाला में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी तथा हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पंचम दिवस की कथा एवं व्याख्यान में श्री परशुराम पुरोहित वैदिक संस्थान, आरंग के अध्यक्ष पं. ध्रुव नारायण शुक्ला जी द्वारा श्रीमद्भागवत एवं श्रीरामचरितमानस की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का कहीं भी शास्त्रों में उल्लेख प्राप्त नहीं होता है। शास्त्रों में कथा श्रवण का विधान सात दिवस का वर्णित है। राजा परीक्षित को मोक्ष प्रदान करने हेतु सुखदेव मुनि द्वारा सात दिवस तक श्रीमद्भागवत कथा कही गई, नैमिषारण्य में सूत जी महाराज द्वारा ऋषियों को सात दिवस तक पुराण कथा श्रवण कराई गई तथा गोकर्ण महाराज द्वारा धुंधकारी के मोक्ष हेतु सात दिवसीय कथा का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में वर्णित शास्त्रीय परंपराओं एवं विधि-विधानों का पालन ही वास्तविक धर्ममार्ग है। यदि मनुष्य शास्त्रों द्वारा बताए गए नियमों एवं धर्ममार्ग का श्रद्धापूर्वक पालन करे तभी जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है। भगवान की मंगलमयी कथा का श्रवण मानव जीवन को सफल एवं सार्थक बनाता है।
महायज्ञ के पंचम दिवस पर किष्किंधा काण्ड एवं सुंदरकाण्ड तक की आहुतियाँ समर्पित की गईं। भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी के दिव्य मिलन, हनुमान जी के लंका प्रवेश तथा माता सीता की खोज के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। संपूर्ण यज्ञशाला “जय श्रीराम” एवं वेदमंत्रों की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान रही।इसी क्रम में सर्वतोभद्र वेदी में विधिवत पूजन-अर्चन उपरांत श्रद्धालुओं के मध्य पंचमुखी रुद्राक्ष का वितरण किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान बागेश्वर नाथ महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया।यज्ञ में आरंग नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं तथा कथा श्रवण, परिक्रमा एवं आहुति में सहभागी होकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। श्री बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर का विशाल प्रांगण निरंतर भक्तिमय वातावरण एवं अपार जनसमूह से आलोकित हो उठा है।








