रघुराज –
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी चौंकाने वाली और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। शहर में एक बार फिर लुटेरी दुल्हन का मामला उजागर हुआ है, जहां एक शातिर महिला ने युवक को अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी रचाई और शादी के महज डेढ़ महीने बाद ही घर में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात और नकदी लेकर अपने पुराने आशिक के साथ रफूचक्कर हो गई। यह पूरा मामला रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित पति ने अब मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है और अपनी पत्नी व उसके बॉयफ्रेंड के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सुंदर नगर के कार वर्कशॉप से शुरू हुई थी लव स्टोरी
पीड़ित पति गगन साहू ने बताया कि वह रायपुर के सुंदर नगर इलाके में स्थित एक कार वर्कशॉप में काम करता था। उसी वर्कशॉप के ठीक बगल में एक पेटिस्सरी की दुकान थी, जहां तुलेश्वरी साहू नाम की लड़की काम करती थी। दुकान के पास पानी लेने आने-जाने के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और यह बातचीत जल्द ही प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने जीवन भर साथ रहने का फैसला किया और शादी करने की बात सोची। गगन शादी का प्रस्ताव लेकर लड़की के घर भी गया था, लेकिन लड़की के परिजनों ने इस रिश्ते के लिए साफ मना कर दिया।
परिजनों के इनकार के बाद मंदिर या कोर्ट में शादी करने की जिद
घरवालों के विरोध के बाद जब लड़की दुकान लौट रही थी, तो उसने रास्ते में गगन से मुलाकात की। उसने गगन से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे दोनों शादी करेंगे, चाहे वह कोर्ट मैरिज हो या किसी मंदिर में जाकर। लड़की की इस जिद और प्यार पर भरोसा करके गगन ने अपने परिवार वालों को मनाया। आखिरकार दोनों ने सहमति से शादी कर ली। शादी के तुरंत बाद अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए वे दोनों उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी घूमने चले गए। गगन के मुताबिक, उस समय तक उसे अपनी पत्नी के खतरनाक इरादों की भनक तक नहीं थी।
जगन्नाथ पुरी में आया पुराने आशिक का फोन और प्रेगनेंसी की दवा का चौंकाने वाला सच
गगन ने बताया कि जब वे दोनों हनीमून के लिए जगन्नाथ पुरी में थे, तभी उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लगातार कॉल और मैसेज आने लगे। वह शख्स कोई और नहीं बल्कि तुलेश्वरी का पुराना आशिक भुवन निषाद था, जो अमलेश्वर के पास भोतली गांव का रहने वाला था। भुवन ने गगन को कई आपत्तिजनक मैसेज भेजे। गगन ने उन संदेशों को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन भुवन ने मैसेज में एक ऐसा चौंकाने वाला दावा किया जिसे सुनकर गगन के होश उड़ गए। भुवन ने लिखा कि वह तुलेश्वरी को पहले ही तीन से चार बार प्रेगनेंसी रोकने की दवाइयां खिला चुका है। गगन ने जब इस बारे में तुलेश्वरी से सीधे पूछताछ की, तो उसने बात को घुमाते हुए कहा कि भुवन सिर्फ उसका एक सामान्य दोस्त है और वह बेवजह परेशान कर रहा है। गगन ने उस वक्त अपनी शादीशुदा जिंदगी को बचाने के लिए पत्नी की बात पर भरोसा कर लिया।
थाने में शिकायत और बॉयफ्रेंड का लिखित समझौता
लगातार आ रहे फोन कॉल्स से परेशान होकर एक दिन तुलेश्वरी ने ही गगन से कहा कि भुवन उसे बार-बार कॉल करके प्रताड़ित कर रहा है। इस पर गगन अपनी पत्नी को लेकर डीडी नगर थाने पहुंचा और भुवन के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने जब भुवन को थाने बुलाया, तो उसने लिखित में एक समझौता पत्र दिया। भुवन ने उस कागज पर बकायदा हस्ताक्षर किए कि वह आज के बाद तुलेश्वरी साहू को कभी भी फोन या मैसेज नहीं करेगा और उसकी जिंदगी से दूर रहेगा। इस लिखित समझौते के बाद कुछ दिनों तक भुवन की तरफ से कोई संपर्क नहीं किया गया।
मायके जाने का बहाना और दोबारा मिलने की साजिश
कुछ दिनों बाद तुलेश्वरी ने गगन से कहा कि वह अमलेश्वर इलाके में कुछ घरों में झाड़ू-पोछा, खाना और चाय-नाश्ता बनाने का काम करना चाहती है। गगन ने उसे काम करने से मना किया, तो वह दो-तीन दिनों तक मुंह फुलाकर बैठ गई। बाद में उसने अपने माता-पिता की याद आने का बहाना बनाया और मायके जाने की जिद की। गगन ने उसे मायके जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद तुलेश्वरी का रोज-रोज मायके जाना शुरू हो गया। गगन को अंदेशा है कि इसी दौरान अमलेश्वर से मगरघाटा रोड पर स्थित भोतली गांव के रहने वाले भुवन निषाद के साथ तुलेश्वरी की दोबारा मुलाकातें और बातचीत शुरू हुई और दोनों ने साथ भागने की पूरी योजना तैयार कर ली।
काम पर जाने के बहाने घर से भागना और गहने-नकदी पार करना
एक दिन सुबह तुलेश्वरी हमेशा की तरह यह कहकर घर से निकली कि वह काम पर जा रही है। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो गगन ने उसे फोन किया। फोन पर तुलेश्वरी ने सीधे शब्दों में कह दिया कि वह अब कभी वापस नहीं आएगी। घबराकर गगन उसे मनाने उसके मायके गया, जहां तुलेश्वरी ने उससे सोचने के लिए 10 दिन का समय मांगा। लेकिन महज छह-सात दिनों के भीतर ही वह भुवन के साथ घर से भाग गई। जब गगन भुवन के घर पता करने गया, तो भुवन भी अपने घर से गायब मिला और उसके घरवालों ने किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। इसके बाद जब गगन ने अपने घर पर फोन करके सामान की जांच करने को कहा, तो पता चला कि घर की अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात और शादी के रिसेप्शन में मिले लगभग 50 से 55 हजार रुपये नकद गायब थे। गायब जेवरातों में एक बड़ा सोने का मंगलसूत्र और छह पीस गेहूं दाना के जेवर शामिल थे। गगन का कहना है कि तुलेश्वरी रोज कई घंटों तक फोन पर किसी से बात करती रहती थी, जिससे साफ है कि यह सब पहले से तय था।
पुलिस प्रशासन के रवैये से आहत पीड़ित पति
पीड़ित गगन साहू ने पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर भी गहरे दुख और नाराजगी का इजहार किया है। गगन का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर अमलेश्वर थाने गया, तो पुलिस वालों ने सिर्फ आवेदन लिया और एफआईआर दर्ज नहीं की। जब भी वह मामले की प्रगति जानने जाता, तो उसे थाने से भगा दिया जाता था। इसके बाद जब वह डीडी नगर थाने गया, तो वहां के पुलिसकर्मियों ने बेहद संवेदनहीनता से बात करते हुए कहा कि तुम्हारी बीवी ही तो भागी है, पैसा लेकर गई है तो क्या हुआ, आज नहीं तो कल वापस आ जाएगी। गगन का कहना है कि इस घटना के बाद से समाज में उसके परिवार की भारी बदनामी हुई है, जिससे आहत होकर उसके माता-पिता घर से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं।
अब पीड़ित पति की मांग
गगन ने साफ कर दिया है कि वह अब ऐसी धोखेबाज पत्नी को किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं अपनाना चाहता। वह चाहता है कि लड़की उसे लिखित में तलाक दे दे ताकि भविष्य में वह किसी भी कानूनी झंझट में न फंसे। इसके साथ ही गगन ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि ऐसी लुटेरी दुल्हनों और उनके मददगार बॉयफ्रेंड के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि वे किसी और सीधे-साधे युवक की जिंदगी और परिवार को बर्बाद न कर सकें।








