Home चर्चा में मधोता धान उपार्जन केंद्र को सेवा सहकारी समिति बनाने की मांग

मधोता धान उपार्जन केंद्र को सेवा सहकारी समिति बनाने की मांग

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

किसानों को खाद, बीज के लिए नापनी पड़ती है 21 किमी की दूरी 
मधोता, रोतमा सहित 8 गांवों के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद 
बकावंड। सुशासन तिहार में कुंडगुड़ा सरपंच ईस्पर मंडावी और जनपद सदस्य समली कश्यप ने मधोता धान उपार्जन केन्द्र को लेकर संयुक्त आवेदन दिया। मांग है कि मधोता केन्द्र को सिर्फ धान खरीदी तक सीमित न रखा जाए, इसे मधोता रोतमा सहित आठ गांव के किसानों के लिए सम्पूर्ण सेवा केंद्र बनाया जाए।

सरपंच इस्पर मंडावी ने बताया कि धान खरीदी सीजन में मधोता, रोतमा, झारतरई, खोटलापाल, बागबाहर, चितलवार, कुडगुड़ा और खैरगुड़ा के किसान धान लेकर मधोता पहुंचते हैं। धान तौल और खरीदी के बाद खाद-बीज वितरण तुरंत नहीं होता। किसान को घोटिया लैंपस सोसायटी के चक्कर काटने पड़ते हैं। केसीसी, टीडीसी और बैंकिंग काम भी अलग अलग जगह होते हैं। एक काम के लिए तीन जगह भटकने से किसानों का पूरा दिन निकल जाता है। डीजल खर्च बढ़ता है और खेत की मजदूरी भी प्रभावित होती है। सरपंच ईस्पर मंडावी और जनपद सदस्य समली कश्यप ने कहा है कि अगर मधोता केंद्र पर ही खाद-बीज वितरण और लैंपस शाखा खोल दी जाए, तो किसान धान बेचने के बाद वहीं से इनपुट ले सकेगा और बैंकिंग का काम भी निपटा लेगा। इससे मधोता रोतमा सहित आठ गांवों के हजारों किसानों का समय और पैसा दोनों बचेगा। किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। किसानों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। अब प्रशासन के फैसले का इंतजार है।

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