संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर-चांपा। प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का जब संगम होता है तो सफलता स्वयं कदम चूमती है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण जांजगीर की होनहार बेटी मुदिता नारायण हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का परचम लहराते हुए कथक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 4 से 7 जून 2026 तक आयोजित ऑल इंडिया नेशनल डांस, म्यूजिक एंड फाइन आर्ट प्रतियोगिता एवं महोत्सव “कत्थक रॉकर्स तरांगण-2026” में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों के बीच मुदिता नारायण ने अपने मनमोहक एवं प्रभावशाली कथक प्रदर्शन से निर्णायकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकती हैं।

मुदिता वर्तमान में हसदेव पब्लिक स्कूल, चांपा की छात्रा हैं तथा प्रतिष्ठित रायगढ़ घराने की शैली में कथक नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वे प्रसिद्ध कथक गुरु श्री सुभाष चंद्र यादव की शिष्या हैं। गुरु के मार्गदर्शन और स्वयं के अथक अभ्यास के बल पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
मुदिता नारायण की सफलता कोई एक दिन की उपलब्धि नहीं है। इससे पूर्व मई 2025 में हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित इंटरनेशनल कल्चरल हार्मोनी प्रतियोगिता में भी उन्होंने कथक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया था। लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करना उनके समर्पण, अनुशासन और कला के प्रति लगन का प्रमाण है।
मुदिता की यह सफलता न केवल उनके परिवार और गुरुजनों के लिए बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के बच्चों और युवा कलाकारों को यह प्रेरणा देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों तो सफलता अवश्य मिलती है।

मुदिता नारायण की इस शानदार उपलब्धि पर नगरवासियों, हसदेव पब्लिक स्कूल परिवार, नूपुर नृत्य संस्था ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुदिता डाइट जांजगीर की व्याख्याता रमा गोस्वामी की सुपुत्री हैं। डाइट परिवार एवं राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, संभागीय अध्यक्ष राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा भारत ने भी मुदिता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है और भविष्य में वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी।
मुदिता नारायण की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी स्थान या संसाधन की मोहताज नहीं होती। दृढ़ संकल्प, सतत अभ्यास और गुरुजनों के आशीर्वाद से हर सपना साकार किया जा सकता है। जांंजगीर-चांपा की इस बेटी ने जिले का नाम रोशन किया है हम मुदिता नारायण की उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं








