कोरबा संवाददाता – गुरदीप सिंह
कोरबा। जिले की एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में लगातार हो रहे हादसों ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां बीते दिन ट्रेलर की चपेट में आने से एक चालक की मौत हुई थी, वहीं शनिवार देर रात खदान में हुए एक और दर्दनाक हादसे में एसईसीएल कर्मी की जान चली गई। लगातार दूसरे दिन हुई मौत की घटना के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसईसीएल कर्मी सत्य नारायण शनिवार रात लगभग 1 बजे कुसमुंडा खदान के खोडरी फेस क्षेत्र में 60 टन क्षमता वाले डंपर से मिट्टी अनलोड करने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक डंपर अनियंत्रित होकर पीछे की ओर फिसलने लगा और लगभग 150 फीट गहरी ढलान में जा गिरा।

बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान चालक ने अपनी जान बचाने के लिए डंपर से छलांग लगा दी, लेकिन नीचे गिरते समय उसका सिर एक बड़े पत्थर (बोल्डर) से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायल कर्मी को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
लगातार हो रहे हादसों से कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है। घटना के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक खदान में काम शुरू नहीं किया जाएगा।


कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम हैं। श्रमिकों ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा उपायों की व्यापक समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद पूरे खदान क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल है। वहीं प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों से चर्चा कर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।








