Home चर्चा में ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: बिजली गुल होते ही अंधेरे में डूब जाता है...

ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: बिजली गुल होते ही अंधेरे में डूब जाता है कुसमी अस्पताल, चार माह से ठप सौर ऊर्जा व्यवस्था

26
0
बीएमओ बोले- क्रेडा को दो माह पहले दी सूचना, जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा- मामला मेरे संज्ञान में नहीं
बलरामपुर संवाददाता – युसूफ खान
कुसमी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गांव-गांव स्वास्थ्य अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन विकासखंड मुख्यालय कुसमी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। मंगलवार को अस्पताल परिसर के ग्राउंड निरीक्षण के दौरान सामने आया कि बिजली आपूर्ति बाधित होते ही अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। वार्डों में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्थल निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित जनरेटर कक्ष, वार्ड एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। अस्पताल कर्मियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि सौर ऊर्जा प्रणाली की बैटरियां पिछले लगभग चार माह से खराब पड़ी हुई हैं। जिसके कारण बिजली कटौती के दौरान वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था प्रभावी नहीं रह गई है।
 
चार माह से खराब बैटरियां, समाधान का इंतजार..!
प्रभारी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी कुसमी डॉ. सतीश पैकरा ने बताया कि सौर ऊर्जा प्रणाली की बैटरियों के खराब होने की सूचना लगभग दो माह पूर्व क्रेडा विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि क्रेडा विभाग के कर्मचारी निरीक्षण के लिए आए थे और बैटरियों का पानी बदलकर गए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में बैटरियां अनुपयोगी स्थिति में हैं और उनके सुधार की कोई निश्चित समय-सीमा भी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।
बिजली गुल होते ही प्रभावित होती है व्यवस्था..!
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि बिजली कटौती की स्थिति में अस्पताल के कुछ हिस्सों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं रहती। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि कई बार बिजली जाने के बाद जनरेटर तत्काल चालू नहीं हो पाता, जिससे परेशानी बढ़ जाती है। हालांकि उपस्थित डॉक्टर ने बताया की जनरेटर उपलब्ध है और आवश्यकता पड़ने पर उसका संचालन किया जाता है।
1991 मॉडल की एक्स-रे मशीन बनी तकनीकी चुनौती..!
बीएमओ डॉ. पैकरा के अनुसार अस्पताल में वर्तमान में वर्ष 1991 मॉडल की पुरानी एक्स-रे मशीन संचालित है। मशीन अधिक विद्युत भार लेती है, जिसके कारण जनरेटर की बिजली से उसका संचालन संभव नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि अस्पताल को नई एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे यह समस्या समाप्त होने की उम्मीद है।
जनरेटर में भी रही लो-वोल्टेज की समस्या
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कुछ समय पहले जनरेटर में लो-वोल्टेज की समस्या सामने आई थी, जिस पर सुधार कार्य कराया गया है। इसके बावजूद सौर ऊर्जा बैटरियों के खराब होने के कारण बिजली कटौती के समय वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारू नहीं हो पा रही है।
जिला चिकित्सा अधिकारी को नहीं थी जानकारी
मामले में बलरामपुर – रामानुजगंज जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा बैटरियों के खराब होने एवं उनके सुधार कार्य का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि कुसमी के बीएमओ द्वारा भी उन्हें इस संबंध में कोई अद्यतन जानकारी नहीं दी गई है।
डॉ. सिंह ने कहा, “जब तक कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आएगा, तब तक उस पर पहल कैसे कर पाऊंगा।” वहीं जनरेटर को समय पर चालू नहीं किए जाने और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही।
सवालों के घेरे में विभागीय समन्वय..?
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आए तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि एक ओर बीएमओ द्वारा क्रेडा विभाग को सूचना भेजे जाने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला चिकित्सा अधिकारी स्वयं मामले की जानकारी से अनभिज्ञ होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में विभागीय समन्वय और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यदि विकासखंड मुख्यालय के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में चार माह से विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्या बनी हुई है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है।
अब सवाल यह है कि आखिर मरीजों की सुविधा से जुड़ा इतना महत्वपूर्ण मामला चार माह तक लंबित क्यों रहा..? बैटरियों की मरम्मत या प्रतिस्थापन में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है? और सबसे महत्वपूर्ण, इस अव्यवस्था का स्थायी समाधान कब तक होगा..?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here