रिपोर्ट- खिलेश साहू
धमतरी और नगरी में पर्याप्त जनसंख्या के बावजूद प्रतिनिधित्व नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण – गणेश साहू
धमतरी। नगर निकायों में हाल ही में हुई एल्डरमेन नियुक्तियों में साहू समाज की उपेक्षा किए जाने पर जिला साहू संघ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जिला साहू संघ के जिलाध्यक्ष गणेश साहू ने कहा कि साहू समाज प्रदेश के सबसे बड़े और सामाजिक रूप से सक्रिय समाजों में से एक है, जो वर्षों से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और राजनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। इसके बावजूद धमतरी एवं नगरी जैसे क्षेत्रों में समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है।
गणेश साहू ने कहा कि नगर पंचायत कुरूद, मगरलोड, भखारा और आमदी जैसे क्षेत्रों में एल्डरमेन के रूप में प्रतिनिधित्व दिया गया, जिसका स्वागत किया जाता है। किंतु धमतरी नगर निगम एवं नगर पंचायत नगरी, जहां साहू समाज की जनसंख्या और सामाजिक भागीदारी कहीं अधिक है, वहां समाज के एक भी योग्य प्रतिनिधि को स्थान नहीं दिया जाना समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि साहू समाज हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और विकास की राजनीति का समर्थक रहा है। समाज के अनेक कार्यकर्ता वर्षों से संगठन और जनसेवा में सक्रिय हैं। ऐसे में धमतरी और नगरी जैसे महत्वपूर्ण निकायों में समाज की अनदेखी से समाज के लोगों में स्वाभाविक रूप से निराशा और असंतोष व्याप्त है।
जिलाध्यक्ष गणेश साहू ने कहा कि जिला साहू संघ किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं करता, बल्कि समाज के उचित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व की मांग करता है। उन्होंने शासन एवं संगठन से आग्रह किया कि भविष्य में राजनीतिक एवं प्रशासनिक नियुक्तियों में साहू समाज की जनसंख्या, सामाजिक योगदान और संगठनात्मक सक्रियता को ध्यान में रखते हुए उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश नेतृत्व और सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी तथा भविष्य में साहू समाज के साथ न्याय करते हुए उचित अवसर प्रदान करेगी, जिससे समाज की भावनाओं का सम्मान हो सके।








