सरगुजा संवाददाता – विकास अग्रवाल
1975 के आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए वक्ताओं ने संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प
अंबिकापुर।
26 जून संविधान हत्या दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला सरगुजा द्वारा संकल्प भवन भाजपा जिला कार्यालय में जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों एवं उनके परिजनों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में त्रिवेणी राम कश्यप, परमात्मा सिंह, विजय शंकर शुक्ला, श्रीमती देवेंद्र कौर, श्रीमती तारा देवी , किरण मिश्रा एवं श्रीमती मंजू सिंह शामिल रहे।
इस अवसर पर सप्ताह में दो दिन अंबिकापुर से दिल्ली तक हवाई आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में वर्ष 1975 में लागू आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता एवं नागरिक अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकतंत्र सेनानियों द्वारा किए गए संघर्ष और बलिदान का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए दिए गए उनके योगदान को देश सदैव कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।

मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जब संविधान की भावना को कुचलकर नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी। नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई जाननी चाहिए ताकि लोकतंत्र की रक्षा के प्रति सदैव सजग रह सके।
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। आपातकाल के दौरान जिन लोगों ने कठिन यातनाएँ सहकर भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की, उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि संविधान हत्या दिवस केवल इतिहास को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि आपातकाल की विभीषिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों के प्रति समाज सदैव ऋणी रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री विनोद हर्ष ने किया तथा जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी, डॉ. अम्बिकेश केशरी, मधुसूदन शुक्ला, विकास पांडेय, दिनेश साहू, मधु चौदाहा, नीरू मिस्त्री, अनिल अग्रवाल, चंद्रिका प्रसाद यादव सहित भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।








