उमेश कुमार प्रजापति –
सरगुजा जिले के बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने के नाम पर कथित अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए उनसे 1500 से 2000 रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए राशि देने में असमर्थता जताई तो उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया और शव देने में आनाकानी की गई। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद पैसे मांगने का गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार बतौली थाना क्षेत्र के कदनई लोटाभावना गांव में शुक्रवार देर रात पति-पत्नी के विवाद के दौरान नेतराम मझवार को अचेत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के चीरघर ले जाया गया।
मृतक के बेटे बंधन मझवार का आरोप है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल में कार्यरत दीपेश (बताया जा रहा है कि वह नेहरू राम का नाती है) द्वारा शव सौंपने के एवज में 1500 से 2000 रुपये की मांग की गई। परिजनों ने जब पैसे देने में असमर्थता जताई तो कथित रूप से शव देने से मना कर दिया गया।
प्रतिष्ठित नागरिक के हस्तक्षेप के बाद मिला शव
परिजनों ने इसकी जानकारी बतौली के प्रतिष्ठित नागरिक प्रियेश अग्रवाल को दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने संबंधित व्यक्ति को फटकार लगाई और अपने पास से 300 रुपये दिए। इसके बाद मृतक का शव परिजनों को सौंपा गया।
गरीब परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम जैसी निःशुल्क सरकारी प्रक्रिया के बाद यदि शव लेने के लिए गरीब परिवारों से पैसे मांगे जा रहे हैं तो यह बेहद गंभीर और अमानवीय है। लोगों का आरोप है कि अपनों को खोने के दुख के बीच परिजनों को आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
पहले भी लग चुके हैं ऐसे कई आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सिलमा निवासी होशराम के परिजनों से भी पोस्टमार्टम के बाद पैसे मांगने के आरोप लगे थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रियेश अग्रवाल ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
बतौली के प्रतिष्ठित नागरिक प्रियेश अग्रवाल ने कहा कि,
“बतौली में लगातार पोस्टमार्टम के बाद पैसे मांगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। गरीब परिवारों से शव देने के नाम पर पैसे मांगना बेहद निंदनीय है। पहले सिलमा निवासी होशराम के परिजनों से और अब नेतराम मझवार के परिवार से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। यह पूरी तरह अमानवीय है। मैं जिला कलेक्टर से दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।”
सीएमएचओ बोले—दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने कहा कि,
“मामले को गंभीरता से लिया गया है। बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में ऐसी लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।








