संवाददाता – हेमलाल झारिया
कुदमुरा, जिला कोरबा। सतगुरु संत कबीर दास जी की जयंती सोमवार को कुदमुरा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई।
कबीर पंथियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस समारोह में शामिल हुए। पूरा कुदमुरा “निर्गुण ब्रह्म” के जयकारों से गूंज उठा।
भव्य शोभायात्रा से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कबीर मंदिर चौरा , से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। हाथों में कबीर साहेब की तस्वीर, निशान और “संत कबीर की जय” के बैनर लिए श्रद्धालु ढोल-मंजीरा की धुन पर नाचते-गाते चौरा परिसर मे व मुख्य मार्गों से गुजरे। शोभायात्रा में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

संत समागम में दिए गए प्रवचन
महंत समाज के मंगल भवन में आयोजित संत समागम में बाहर से पधारे संतों ने कबीर साहेब के दोहों और साखियों पर प्रवचन दिए। संतों ने कहा कि “कबीर साहेब ने 600 साल पहले ही जात-पात, पाखंड और आडंबर का विरोध किया था। उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।” उन्होंने “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय” जैसे दोहों के माध्यम से समाज में प्रेम, समानता और सत्य की राह अपनाने का संदेश दिया।
भजन संध्या ने बांधा समां
शाम को आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहा। स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों ने “मोको कहां ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में” और “पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ” जैसे अमर भजन प्रस्तुत किए। भक्ति संगीत सुनकर पूरा पंडाल भावविभोर हो गया।
विधायक नें की मगल भवन हेतू बाउंड्रीवाल की घोषणा लगभग 7 लाख की वाउंड्री व मंदिर का विधायक, सरपच, व श्री दुर्गा प्रसाद राठिया नें श्री फल तोड़कर की भूमि पूजन

महा भंडारा का आयोजन
संत कबीर दास जयंती के अवसर पर कबीर सेवा समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धांलुओं नें प्रसाद ग्रहण किया।
समाजसेवियों ने व्यक्त किए विचार
इस अवसर पर रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया कुदमुरा सरपंच श्रीमती रचना महेश राठिया, श्री समाज प्रमुख श्री दुर्गा प्रसाद राठिया के साथ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही सरपंच श्रीमती रचना ने कहा, “संत कबीर का जीवन हमें सादगी और मानवता का पाठ पढ़ाता है। कुदमुरा में हर साल जिस तरह से जयंती मनाई गयी है, वह हमारे सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में कबीर पंथ कुदमुरा इकाई, युवा समिति और आस पास के गणमान्य नागरिकों का विशेष सहयोग रहा। देर रात आरती और प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।








