महाराष्ट्र की राजनीति से एक और बड़ी खबर सामने आई है। उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है। शिवसेना-यूबीटी के विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर, उद्धव गुट का दामन छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं।
इस दलबदल के तुरंत बाद शिंदे गुट की ओर से उन्हें विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए उम्मीदवार बनाते हुए उनका नामांकन भी दाखिल कर दिया गया है। इस घटनाक्रम को एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
9 में से 6 सांसदों ने छोड़ा उद्धव का साथ
इससे पहले, उद्धव ठाकरे की पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद अचानक उनका साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए थे। इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ कहा गया, क्योंकि राजनीति में जब किसी पार्टी के नेताओं को गुपचुप तरीके से अपनी तरफ मिलाया जाता है, तो उसे अक्सर कोई कोड नेम दिया जाता है। इस बार इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया।
6 सांसदों की संसद सदस्यता सुरक्षित
कानून के मुताबिक, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई नेता एक साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो उनकी संसद सदस्यता रद्द नहीं होती। उद्धव के 9 में से 6 सांसद यानी पूरे 2/3 अलग हुए हैं, इसलिए इन सांसदों की कुर्सी सुरक्षित है।








