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कृषि तकनीकी में नवीन क्रांति: कुरूद की दो सहकारी समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सेवा का शुभारंभ, किसानों ने देखा लाइव प्रदर्शन

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खिलेश साहू –

सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विकासखंड कुरूद की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों जुगदेही एवं गाड़ाडीही में किसानों के लिए ड्रोन स्प्रेयर का प्रदर्शन (डेमो) आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीक का अवलोकन किया।

इस अवसर पर दोनों समितियों द्वारा किसानों को अत्यंत रियायती सेवा शुल्क पर ड्रोन स्प्रेयर उपलब्ध कराने की पहल की गई। समिति के माध्यम से किसानों के खेतों में दवा एवं उर्वरकों का छिड़काव ड्रोन द्वारा कराया जाएगा, जिससे कम समय में अधिक क्षेत्र का सुरक्षित एवं प्रभावी छिड़काव संभव हो सकेगा।

मुख्य अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारिता एक जनआंदोलन एवं किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है। आज सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, माइक्रो एटीएम, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सहित अनेक जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ड्रोन स्प्रेयर जैसी आधुनिक तकनीक का समावेश सहकारिता के क्षेत्र में एक नवीन क्रांति साबित होगा और इससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

निरंजन सिन्हा ने अधिक से अधिक किसानों से सहकारी समितियों की सदस्यता ग्रहण कर सहकारिता आंदोलन से जुड़ने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर उन्होंने समिति से नवसंबद्ध सदस्यों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान भी किया।

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन स्प्रेयर के माध्यम से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, अन्य नैनो उर्वरकों, कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों का समान एवं गुणवत्तापूर्ण छिड़काव किया जा सकता है। इस तकनीक से मात्र 5 से 10 मिनट में एक एकड़ क्षेत्र में छिड़काव किया जा सकता है। इससे किसानों के समय एवं श्रम की बचत होगी तथा खेत में उतरकर दवा छिड़काव करने से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में भी कमी आएगी। आधुनिक कृषि में ड्रोन तकनीक को कृषि यंत्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम में समिति गाड़ाडीही के प्राधिकृत अधिकारी चिनेश्वर साहू, सरपंच टी.के. साहू, भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर चंद्राकर, स्थानीय एवं आसपास के ग्रामों के जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारीगण, सहकारिता विभाग धमतरी के नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कुरूद के प्रबंधक टिकेश्वर बैजी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, नैनो उर्वरकों के उपयोग तथा ड्रोन आधारित कृषि तकनीक के लाभों की जानकारी दी। किसानों ने ड्रोन स्प्रेयर का प्रदर्शन देखा, इसकी कार्यक्षमता की सराहना की तथा भविष्य में अपनी फसलों में इस आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की इच्छा व्यक्त की।

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