-शक्ति की शांत फिजां में खलल डालने वालों में पुलिस का खौफ जरूरी… अधिवक्ता चितरंजय
शक्ति अंचल अपने अमन-चैन वातावरण और शांति व्यवस्था के लिए एक उदाहरण है, पर ग्राम जोंगरा में दिन दहाड़े घर में घुस कर खुले आम युवती पर गोली दाग कर नृशंस हत्या की गई है जो अंचल के शांत फिजां में अपराधियों की धमक पुलिस के लिए खुलेआम चुनौती साबित हुई, जिसे जिला पुलिस ने पूरी शिद्दत से स्वीकार करते हुए अपराधियों को रात- दिन मेहनत कर घटना का पर्दाफाश कर मुलजिमों को सलाखों के पीछे भेज कर लोगों में सजग पुलिसिंग का परिचय दिया है, निश्चित रूप से शक्ति पुलिस की परिश्रम एवं सक्रियता तारीफ ए काबिल है, परंतु जिस ढंग से घटना को अंजाम दिया है उससे अपराधियों के बेखौफ एटीट्यूड का पता चलता है जिसमें अपराधियों में पुलिस का भय कम होता नजर आया।
जोंगरा हत्याकांड मात्र एक युवती की हत्या का मामला नहीं है बल्कि पुलिस के लिए क्षेत्र में अमन चैन कायम रखने की दिशा में चुनौती भरा संदेश है जिसे लेकर विभाग का काबिल अफसर गंभीर नजर आए तथा मौका ए वारदात से लेकर मुलजिमों की गिरफ्तारी तक जिला पुलिस के पूरी टीम की सक्रियता साफ नजर आई और 5 वें ही दिन अपराध से अपराधी तक पहुंचकर पुलिस ने खुलेआम हुई हत्याकांड की तस्वीर पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने सिलसिलेवार मीडिया के सामने स्पष्ट कर दिया तथा पुलिस की सजगता पर प्रश्न चिन्ह लगाने वाले लोग अब अपने आप शांत हो गए हैं, लेकिन निश्चित रूप से शक्ति के शांत माहौल में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसना अब पुलिस के लिए प्रथम पहल होना चाहिए क्योंकि बिहार झारखंड की तर्ज पर दिनदहाड़े घर घुस कर हत्या को अंजाम देने वाली घटना ने लोगों को डरा दिया है।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने इस खुल्लम-खुल्ला गोली कांड @ हत्या के त्वरित पर्दाफाश के लिए पुलिस प्रशासन को बधाई देते हुए उम्मीद जाहिर किया कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अख्तियार करे ताकि नवीन जिला शक्ति की शांत फिजां में खलल डालने वाले अपराधियों में खौंफ पैदा हो और आम जन तक संदेश पहुंचे कि शक्ति में अपराध अथवा आतंक का कोई स्थान नहीं है।








